आम तौर पर राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) का नाम हर किसी ने सुना होगा, लेकिन बहुत कम ही लोगों को पता होता है कि आखिर यह योजना है क्या और इसका लाभ कोई कैसे ले सकता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) क्या है और इसमें कौन निवेश कर सकता है और उससे ग्राहक का फायदा क्या होगा?
राष्ट्रीय पेंशन योजना भारत सरकार द्वारा पेश की गई एक रिटायरमेंट स्कीम है। इसे 1 जनवरी, 2004 को लॉन्च किया गया था। शुरुआत में एनपीएस सरकार में भर्ती होने वाले नए कर्मचारियों (सशस्त्र सेना बलों के अलावा) के लिए शुरू की गई थी, लेकिन 1 मई 2009 से यह स्वैच्छिक आधार पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों सहित देश के सभी नागरिकों को प्रदान की जा रही है।
किसे मिलेगी यह सुविधा
देश का कोई भी नागरिक (जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो) अपने रिटायरमेंट के लिए इस योजना में निवेश कर सकता है। उसे इस योजना का लाभ मिलेगा। सेवानिवृति यानी 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद आप अपना खाता बंद कर सकते हैं। इस दौरान आप अपनी निवेश की गई राशि से कुछ पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं और बाकी बचे पैसों से आपको एक वार्षिकी उत्पाद (एन्यूटी प्लान) खरीदना होता है। उसी एन्यूटी प्लान के हिसाब से निवेश करने वाले व्यक्ति को एक निश्चित धनराशि पेंशन के रूप में मिलने लगती है।
कैसे खुलवाएं एनपीएस खाता
देश के लगभग सभी सरकारी और निजी बैंकों में प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस बनाए गए हैं, जहां एनपीएस खाता खुलवाया जा सकता है। इस योजना के तहत दो तरह के अकाउंट खोले जाते हैं, टियर-1 और टियर-2।
क्या होता है टियर-1 और टियर-2 खाता
टियर-1 अकाउंट में निवेश को कभी भी निकाला नहीं जा सकता है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही इसमें से पैसा निकाल सकते हैं। यह अकाउंट खोलने के लिए न्यूनतम 500 रुपये धनराशि की जरूरत होती है और इसके तहत न्यूनतम 500 रुपये का मासिक योगदान दिया जा सकता है।
वहीं, टियर-2 के निवेश को किसी भी समय निकाला जा सकता है। यह एक साधारण सेविंग अकाउंट की तरह है। यह अकाउंट खोलने के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये धनराशि की जरूरत होती है और इसके तहत न्यूनतम 250 रुपये का मासिक योगदान दिया जा सकता है।
एनपीएस में निवेश की गई राशि का प्रबंधन पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण करता है। इससे पंजीकृत और निर्देशों पर चलने वाले फंड मैनेजर ही इस फंड का प्रबंधन करते हैं। इनमें आईसीआईसीआई प्रू पेंशन फंड, एलआईसी पेंशन फंड, एसबीआई पेंशन फंड और रिलायंस कैपिटल पेंशन फंड प्रमुख हैं।