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कोरोना वायरस के होने का मतलब क्या है, सुनिए उनसे जिन्होंने कोरोना को हराया है

रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Fri, 10 Apr 2020 06:33 PM IST
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : रॉयटर्स एजेंसी

कोरोना वायरस के लक्षणों को लेकर हाल ही में कई मिथ्य सामने आए हैं। सबसे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के मुख्य खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत बताया था लेकिन कोरोना के कई मरीज ऐसे भी पाए गए जिनमें ये लक्षण नहीं थे। कोरोना के लक्षण हर किसी पर अलग दिखाई दे सकते हैं, कोरोना कोई फ्लू या सामान्य जुकाम नहीं है।

कुछ लोगों में कोरोना के बहुत अलग लक्षण देखने को मिले, जैसे गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत, डायरिया, सूंघने की क्षमता कम होना या याददाश्त चली जाना। आखिर कोरोना से संक्रमित मरीज को कैसा महसूस होता है, इसके लिए कोरोना से ठीक हुए मरीजों की कहानी को पढ़ा जा सकता है। ये कहानियां आपको कोरोना से डराने के लिए नहीं है लेकिन इन्हें पढ़कर कोरोना की गंभीरता को समझा जा सकता है...



स्वाद और सूंघने की क्षमता गई
ओलिविया पेरिस में अपनी पढ़ाई कर रही थी और 15 मार्च, रविवार को वह अपने घर अमेरिका आ गई। दो दिन बाद यानि मंगलवार को ओलिविया को जुकाम जैसा महसूस होने लगा। ओलिविया के मुताबिक उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, उन्हें लगा कि शायद सफर की वजह से सिरदर्द और जुकाम सा महसूस हो रहा है।

अगले दिन तबियत थोड़ी ज्यादा खराब लगी लेकिन कोरोना वायरस जैसे लक्षण नहीं दिखे, गुरुवार को सुबह तीन बजे आंख खुली तो शरीर बहुत गर्म था, शरीर का तापमान 100.2 था। बाद में ओलिविया को कोरोना के लगभग सभी लक्षण दिखाई देने लगे और जल्द ही स्वाद और सूंघने की क्षमता खो दी जिसकी वजह से ओलिविया को भूख लगनी बंद हो गई।

21 मार्च को ओलिविया ने कोरोना का टेस्ट कराया। ओलिविया ने बताया कि दो दिन के बाद उन्हें अच्छा महसूस होने लगा और बुखार भी लगभग उतर गया था। बीमारी के दौरान दो हफ्ते तक ओलिविया ने अपने परिवार वालों से दूरी बनाकर रखी और खुद को क्वारंटीन किया। 

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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : रॉयटर्स एजेंसी
कोरोना वायरस के लक्षणों को लेकर हाल ही में कई मिथ्य सामने आए हैं। सबसे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के मुख्य खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत बताया था लेकिन कोरोना के कई मरीज ऐसे भी पाए गए जिनमें ये लक्षण नहीं थे। कोरोना के लक्षण हर किसी पर अलग दिखाई दे सकते हैं, कोरोना कोई फ्लू या सामान्य जुकाम नहीं है।

कुछ लोगों में कोरोना के बहुत अलग लक्षण देखने को मिले, जैसे गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत, डायरिया, सूंघने की क्षमता कम होना या याददाश्त चली जाना। आखिर कोरोना से संक्रमित मरीज को कैसा महसूस होता है, इसके लिए कोरोना से ठीक हुए मरीजों की कहानी को पढ़ा जा सकता है। ये कहानियां आपको कोरोना से डराने के लिए नहीं है लेकिन इन्हें पढ़कर कोरोना की गंभीरता को समझा जा सकता है...

स्वाद और सूंघने की क्षमता गई
ओलिविया पेरिस में अपनी पढ़ाई कर रही थी और 15 मार्च, रविवार को वह अपने घर अमेरिका आ गई। दो दिन बाद यानि मंगलवार को ओलिविया को जुकाम जैसा महसूस होने लगा। ओलिविया के मुताबिक उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, उन्हें लगा कि शायद सफर की वजह से सिरदर्द और जुकाम सा महसूस हो रहा है।

अगले दिन तबियत थोड़ी ज्यादा खराब लगी लेकिन कोरोना वायरस जैसे लक्षण नहीं दिखे, गुरुवार को सुबह तीन बजे आंख खुली तो शरीर बहुत गर्म था, शरीर का तापमान 100.2 था। बाद में ओलिविया को कोरोना के लगभग सभी लक्षण दिखाई देने लगे और जल्द ही स्वाद और सूंघने की क्षमता खो दी जिसकी वजह से ओलिविया को भूख लगनी बंद हो गई।

21 मार्च को ओलिविया ने कोरोना का टेस्ट कराया। ओलिविया ने बताया कि दो दिन के बाद उन्हें अच्छा महसूस होने लगा और बुखार भी लगभग उतर गया था। बीमारी के दौरान दो हफ्ते तक ओलिविया ने अपने परिवार वालों से दूरी बनाकर रखी और खुद को क्वारंटीन किया। 

शुरुआत में सिर्फ खांसी हुई

कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
शुरुआत में सिर्फ खांसी हुई
लॉरेन जो एक फ्रीलांसर लेखक है बताती हैं कि उनके बच्चे को शुरुआत में हल्का सी खांसी थी। उनके छोटे बच्चे को एक दिन बुखार हुआ लेकिन इसके अलावा और कोई लक्षण नहीं था। मेरे पति को भी हल्की खांसी थी लेकिन उस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया था। लॉरेन अपने परिवार के साथ न्यू जर्सी में रहती हैं और उनके पति हफ्ते में कभी-कभी न्यूयॉर्क और पूरे अमेरिका में काम के सिलसिले में जाते थे। 

लॉरेन कोरोना से संक्रमित हो गई थी लेकिन ये बहुत समय के बाद उन्हें पता चला और कुछ समय बाद ही उन्हें ब्रोंकाइटिस औऱ सांस लेने में दिक्कत होने लगी। लॉरेन ने जल्द ही अपने सीने का एक्स रे करवाया। डॉक्टर ने उन्हें सांस लेने में मदद करने के लिए कुछ दवाइयां लेने की सलाह दी। तीन हफ्ते के बाद भी लॉरेन की तबियत में ज्यादा सुधार नहीं आया और जल्द ही उन्हें थकान महसूस होने लगी।

हालांकि लॉरेन कुछ दिनों में सामान्य महसूस करने लगी और घर के छोटे-बड़े काम करने शुरू कर दिए। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी भी सांस लेने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन दवाइयां खाने के बाद ये दिक्कत नियंत्रण में रहती है। 

पूरा महीना थकाने से भरा रहा
कोरोना वायरस से संक्रमित होने के चार हफ्तों तक डॉक्टर ट्रेसी गेपिन 100 फीसदी सामान्य महसूस नहीं कर रहे हैं। छह मार्च को डॉ गेपिन अपनी पत्नी के साथ टेलीविजन देख रहे थे कि अचानक उनके शरीर में कंपकपाहट शुरू हुई और शरीर का तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट पर पहुंच गया। डॉ गेपिन को एक ही दिन बुखार रहा और इसके अलावा डॉक्टर को खांसी, जुकाम या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण नहीं दिखे।

मरीजों ने सोशल मीडिया पर शेयर की कहानियां

मरीज की जांच करते डॉक्टर - फोटो : PTI
कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी कोरोना से संक्रमित और ठीक होने की कहानियां शेयर की। कहानी शेयर करने के पीछे कई कारण थे, लोगों को कोरोना की गंभीरता समझाना, लोगों को घरों में रहने की अहमियत बताना कोरोना के मरीजों का लक्ष्य था। आइए उन लोगों के ट्वीट से देखते और समझते हैं कि कोरोना को हराने के लिए लोगों ने क्या किया...

इटली और जापान जैसे देशों में कोरोना से संक्रमित लोगों में बुजुर्ग ज्यादा है लेकिन आईसीएमआर और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही चेताया था कि कोरोना युवाओं में भी हो सकता है। एक 22 साल की महिला ने कोरोना होने के बाद अपने अनुभवों को साझा किया।
 
ऐसा नहीं है कि कोरोना सिर्फ कमजोर लोगों को हो रहा है या उन लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। कोरोना ने हर तरह के व्यक्ति को अपनी चपेट में लिया है। एक इतिहासकार शिराज मेहर ने अपने ट्विटर हैंडल से कोरोना पर एक बात कही।
  अमेरिकी चैनल सीएनएन के एंकर क्रिस क्योमो को भी कोरोना वायरस हुआ। क्रिस हर दिन कोरोना से हो रहे अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर शेयर करते थे।
 

वास्तव में कोरोना वायरस क्या है?

मास्क पहने लोग - फोटो : PTI
वास्तव में कोरोना वायरस क्या है?
डॉक्टर माइकल हॉल कोरोना की प्रकृति परिवर्तनशील बताते हैं। डॉ माइकल ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर एक कार्यशील राहत समूह बनाया है। कोरोना वायरस होने के बाद भी मरीज को इंफेक्शन पता लगने में दो से 14 दिन का समय लग जाता है। हाल ही में कोरोना का एक लक्षण बहुत सामान्य हो गया है और वह है सूंघने की क्षमता खो देना

इससे पहले कोरोना के लक्षण खांसी, सांस लेने में परेशानी, बुखार और जुकाम बताए गए थे। डॉ हॉल कोरोना से संक्रमित कई लोगों का उपचार कर चुके हैं और उनका मानना है कि कई बार कोरोना ज्यादा लंबे समय तक मरीज में रहता है। कोरोना से लड़ना आसान नहीं है, इसके फैलने की क्षमता बाकी फ्लू से ज्यादा तेज है लेकिन घरों में रहकर और खुद को क्वारंटीन में रखकर कोरोना से संक्रमण से बचा जा सकता है। 
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