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गाजीपुर बॉर्डर पर क्या हुआ-शुजात आलम की आंखों देखी 

Tue, 26 Jan 2021 09:50 PM IST
सुरेंद्र जोशी शुजात आलम, अमर उजाल, नईदिल्ली

सार

आखिर वहीं हुआ जैसी आशंका थी, गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली ने राजधानी की सड़कों पर शर्मनाक दृश्य पैदा किए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के वादे से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली देखते-देखते उपद्रव व अराजकता में बदल गई। बैरिकेड तोड़ कर ट्रैक्टर रैली दिल्ली के अंदरुनी इलाकों में पहुंच गई।पहले आईटीओ यानी दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के सामने डेरा जमाया गया, यहां उपद्रव व बवाल की शुरुआत हुई। इसके बाद कुछ वाहनों में सवार लोग ऐतिहासिक लालकिले की प्राचीर पर पहुंच गए। वहां भी बवाल हुआ। जानिए अमर उजाला रिपोर्टर की गाजीपुर बॉर्डर से आंखों देखी: 
 
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किसानों को समझाइश देते राकेश टिकैत - फोटो : shubham bansal
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विस्तार
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पुलिस और किसानों के बीच हुई बैठक में तय किया गया था कि गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होने के बाद ही किसान अपना ट्रैक्टर मार्च शुरू करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंगलवार सुबह 10 बजते ही किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर से ट्रैक्टर रैली शुरू कर दी। 

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अक्षरधाम मार्ग पर बड़े-बड़े कंटेनरों को हटा दिया
हजारों ट्रैक्टर और ट्रॉलियों के साथ किसान नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। तय रूट के अनुसार किसानों को गाजीपुर धरना स्थल से गाजीपुर अंडरपास से दाईं ओर मुड़कर आनंद विहार होते हुए अप्सरा बॉर्डर से वापस साहिबाबाद की ओर यूपी में जाना था। किसान नेता राकेश टिकैत के आग्रह करने पर कुछ किसानों का जत्था तय रूट की ओर बढ़ा, लेकिन कुछ किसान अचानक उग्र हो गए। उन्होंने गाजीपुर अंडरपास के ऊपर अक्षरधाम जाने वाले एनएच-24 पर लगाए गए लोहे के बड़े-बड़े कंटेनर को ट्रैक्टर से टक्कर मारकर हटा दिया। बड़ी संख्या में किसान अक्षरधाम की ओर कूच करने लगे।

पांडव नगर में पुलिस से हुई झड़प
उधर बैरिकेडिंग तोड़कर अक्षरधाम की ओर बढ़े किसानों की पांडव नगर के पास पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने यहां सड़क रोकने के लिए डीटीसी की बसें, टेंपों को अवरोध बनाकर सड़क के बीचों-बीच खड़ा किया हुआ था। किसानों ने रास्ता खोलने के लिए ट्रैक्टरों की टक्कर से एक बस को तोड़कर उसे हटा दिया। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक टेंपो को टक्कर मारकर हटा दिया गया। इसकी वजह से उनको काफी क्षति पहुंची। 
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जर्सी बैरियरों को भी धकेल दिया
पुलिस ने यहां पर रास्ता बंद करने के लिए पत्थर के बड़े-बड़े जर्सी बैरियर भी लगाए हुए थे। किसानों ने पास में खड़ी क्रेन पर कब्जा किया और क्रेन की मदद से जर्सी बैरियर को भी धकेल कर एक ओर कर दिया। 

आंसू गैस के गोले भी नहीं रोक सके
पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए, लेकिन किसान इससे नहीं रुके और बैरिकेडिंग तोड़कर निजामुद्दीन यमुना पुल की ओर बढ़ गए। दूसरी ओर किसान नेताओं के आग्रह पर सुबह 11.30 बजे तक ट्रैक्टर मार्च अपने तय रूट की ओर जाता रहा, लेकिन पीछे चल रहे जत्थे में अचानक किसानों ने दिल्ली की ओर कूच करने का मन बना लिया। 

गाजीपुर फ्लाईओवर के सारे बैरिकेड तोड़ दिए
करीब 11.30 बजे किसानों ने गाजीपुर फ्लाईओवर पर लगे सभी बैरिकेड को तोड़ दिया। किसान दिल्ली आने और जाने वाले दोनों ही ओर से दिल्ली की ओर कूच करने लगे। 11.30 से करीब 1.00 बजे तक लगातार हजारों ट्रैक्टर दिल्ली की ओर कूच कर गए। पुलिस मूक दर्शक बनी किसानों को देखती रही। किसान अक्षरधाम, निजामुद्दीन पुल, प्रगति मैदान होते हुए आईटीओ और फिर लालकिला तक पहुंच गए।

धरे रह गए पुलिस के इंतजाम
पुलिस ने गाजीपुर धरना स्थल से ट्रैक्टर रैली शुरू कर उसे गाजीपुर अंडरपास के गोलचक्कर से घूमकर आनंद विहार की ओर ले जाने की इजाजत दी थी। यहां से अप्सरा बॉर्डर-सीमापुरी होते हुए मार्च यूपी की सीमा में जाता। इसके लिए पुलिस ने सबसे पहले एनएच-24 गाजीपुर में दिल्ली से आने-जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की थी।पहले लोहे के बैरिकेड लगे थे। उनको रस्सियों से बांधा हुआ था। इसके अलावा उनके पीछे बड़े-बड़े पत्थरों के जर्सी बैरियर भी लगाए थे, लेकिन पुलिस के ये सारे इंतजाम धरे रह गए। 

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