विश्व बैंक के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा नामित किए गए मास्टरकार्ड के पूर्व सीईओ अजय बंगा की राह आसान होती दिख रही है। दरअसल, फ्रांस और जर्मनी के वित्त मंत्रियों ने भी उन्हें इस भूमिका में लाने के लिए अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
फ्रांस और जर्मनी के वित्त मंत्रियों ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
भारत में हो रही जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान एक प्रेस कांफ्रेंस में फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ले मैयर ने अजय बंगा को बहुत अच्छा उम्मीदवार बताया। उन्होंने कहा कि 'मैं इस उम्मीदवारी पर अंतिम प्रतिक्रिया देने के लिए उम्मीदवार से मिलने के लिए उत्सुक हूं। लेकिन मुझे लगता है कि वे इस जिम्मेदारी के लिए बहुत अच्छे हैं।'
वहीं, बेंगलुरु में चल रही बैठक के दौरान जर्मनी के वित्त मंत्री क्रिश्चियन लिंडनर ने कहा कि विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए बंगा का नामांकन 'बहुत ही उल्लेखनीय' प्रस्ताव था। उन्होंने आगे कहा कि बंगा का निजी क्षेत्र का अनुभव जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और विकास परियोजनाओं के लिए निजी निवेश जुटाने में संभावित रूप से सहायक होगा। हालांकि जर्मनी की गठबंधन सरकार में एक अलग पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाली जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज़ ने इससे उलट प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि विश्व बैंक की अगली प्रमुख एक महिला होनी चाहिए।
भारत ने अब तक नहीं दी है कोई प्रतिक्रया
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अजय बंगा के विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन को लेकर भारत के वित्त मंत्रालय ने अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने बंगा को नामित करने को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत सरकार से बंगा का समर्थन करने की उम्मीद थी। गौरतलब है कि सुब्रमण्यन भारत सरकार के पूर्व शीर्ष आर्थिक सलाहकार भी रहे हैं।
अजय बंगा विश्व बैंक के परिवर्तनकारी अध्यक्ष साबित होंगे: हैरिस
बाइडन द्वारा बंगा को विश्व बैंक के शीर्ष पद के लिए नामित किए जाने की घोषणा के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने एक बयान में कहा कि अजय बंगा विश्व बैंक के परिवर्तनकारी अध्यक्ष साबित होंगे। क्योंकि यह संस्था अपने मूल विकास लक्ष्यों को पूरा करने और जलवायु परिवर्तन सहित वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए काम करती है।
यदि विश्व बैंक के निदेशक मंडल द्वारा पुष्टि की जाती है, तो बंगा दो शीर्ष अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में से किसी एक का प्रमुख बनने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी और सिख-अमेरिकी होंगे। हैरिस ने कहा कि जब से मैं उपराष्ट्रपति चुनी गई हूं, अजय और मैंने उत्तरी मध्य अमेरिका में प्रवासन के मूल कारणों को दूर करने के लिए डिजाइन किए गए सार्वजनिक-निजी भागीदारी के एक नए मॉडल पर मिलकर काम किया है।
अब तक अमेरिका ने ही किया है विश्व बैंक के अध्यक्ष का चुनाव
गौरतलब है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व बैंक की स्थापना की गई थी। इस संस्था की स्थापना के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका ने ही अब तक हर बार विश्व बैंक अध्यक्ष को चुना है। अमेरिका विश्व बैंक का प्रमुख शेयरधारक है। इसे लेकर अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस पद के लिए अन्य कोई उम्मीदवार सामने आएगा या नहीं, लेकिन वाशिंगटन एक योग्य उम्मीदवार के साथ जल्दी से जल्दी कदम उठाकर यह सुनिश्चित करेगा कि यह परंपरा जारी रहे।
अन्य देशों के पास इस पद के लिए वैकल्पिक उम्मीदवार को नामित करने के लिए 29 मार्च तक का समय है। विश्व बैंक का बोर्ड मई की शुरुआत में विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए चयनित व्यक्ति का एलान कर सकता है।
पुणे में पैदा हुए थे बंगा
पुणे के खादकी छावनी में 10 नवंबर 1959 को पैदा हुए बंगा, सैनी सिख परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) हरभजन सिंह बंगा मूलत: पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं। अजय बंगा के बड़े भाई एमएस बंगा भी बिजनेसमैन हैं। बंगा की स्कूली शिक्षा सिकंदराबाद, जालंधर, दिल्ली, अहमदाबाद और शिमला के अलग-अलग स्कूलों में हुई। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री ली और बाद में आईआईएम अहमदाबाद से पीजीपी (प्रबंधन) किया। बंगा को 2016 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।