सीरिया में रासायनिक हमले की भारत ने निंदा करते हुए आर्गनाइजेशन फॉर द प्रोहिबेशन ऑफ केमिकल वेपंस (ओपीसीवी) से घटना की जांच की मांग की है। भारत ने साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, ‘भारत हालात पर करीब नजर बनाए हुए है। यदि रासायनिक हमले की बात सच है तो यह निंदनीय है।’
भारत का बयान उस वक्त आया है जब सीरिया के डूमा शहर में कथित रसायनिक हमले के जवाब में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर हवाई हमले किए हैं।
इन पांच बड़े देशों ने ये कहा
Syria
इस हमले ने सीरिया और यहां के नागरिकों को आतंक के खिलाफ और सख्ती से खड़े होने को मजबूत किया है। हम देश की इंच-इंच जमीन से आतंकवाद को मिटाएंगे। -बशर-अल-असद, राष्ट्रपति, सीरिया
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने हमले में सीरिया के रासायनिक हथियार के बड़े भंडार को नष्ट कर दिया है। - जेवाई ली ड्रियन, विदेश मंत्री, फ्रांस
सीरिया में संयुक्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश है कि हम रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ हैं। - टेरिजा मे, प्रधानमंत्री, ब्रिटेन
इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त करने का काम किया है। डूमा में रासायनिक हमले का पूरा मामला ही फर्जी है। - व्लादिमिर पुतिन, राष्ट्रपति, रूस
दमिश्क पर हवाई हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। हम इसकी निंदा करते हैं। - चीन