आतंकियों के वेस्ट यूपी के जिलों में पनाह लेकर दूसरे राज्यों में वारदात की प्लानिंग का खुलासा कई बार हो चुका है। भोपाल में मारा गया सिमी आतंकी अमजद अपने साथी एजाज के साथ पहले भी मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से फरार हुआ था। इसके बाद उसने बिजनौर में अड्डा बनाया था। गिरफ्तारी के बाद इन आतंकियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने खुलासा किया था कि उनका नेटवर्क सूबे के कई जिलों में फैला था।
सूत्रों के मुताबिक, एक दशक में उत्तर प्रदेश में करीब 100 आतंकी पकड़े जा चुके हैं। जबकि, विभिन्न जिलों से करीब 230 आईएसआई एजेंटों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। सूत्रों ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों के मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर समेत कई जिलों में पनाह लेने की बातें सामने आ चुकी हैं।
जबकि, स्लीपिंग मॉड्यूल्स के तौर पर आईएसआई एजेंटों ने इनकी मदद की थी। पिछले वर्ष मेरठ से पकड़े गए पाक जासूस एजाज ने बताया था कि वेस्ट यूपी में आईएसआई का बड़ा नेटवर्क है, जिसके एजेंट सेना की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान पहुंचाते हैं।
जारी हुआ था आतंकी महबूब का फोटो
बिजनौर के एक घर में ब्लास्ट के बाद भागने वाले आतंकियों में से एक आतंकी महबूब का फोटो मेरठ समेत कई जिलों में जारी हुआ था। फोटो जारी होते ही कई जगहों से पुलिस के पास फोन भी आए कि इस आतंकी को कई लोगों के साथ अलग-अलग जगहों पर देखा गया है। आतंकी महबूब भी भोपाल में मारा गया है। बताते हैं कि महबूब का नेटवर्क काफी जगह फैला हुआ था।