विश्वविद्यालय में पट्टिका को लेकर हुआ विवाद
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विश्व भारती विश्वविद्यालय में पट्टिका विवाद गहरा गया है, जिसके बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस की भी इस विवाद में एंट्री हो गई है। राज्यपाल ने पूरे विवाद पर कुलपति से स्पष्टीकरण मांग लिया है। बता दें कि विश्व भारती विश्वविद्यालय को बीते दिनों यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था। जिसके बाद विश्वविद्यालय में जगह-जगह पट्टिका लगा दी गईं थी, जिसमें इस केंद्रीय विश्वविद्यालय को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल होने की जानकारी दी गई थी लेकिन इस पट्टिका में विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले गुरु रबिंद्र नाथ टैगोर का नाम ही नदारद था।
राज्यपाल बोले- गुरुदेव का सम्मान होना चाहिए
विश्व विद्यालय में लगी पट्टिकाओं में प्रधानमंत्री और कुलपति के ही नाम दिए गए थे। जिसे लेकर राजनीतिक विवाद हो गया। टीएमसी और विश्वविद्यालय के कई अध्यापकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। शुक्रवार को इसके विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के सामने इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। सीएम ममता बनर्जी ने भी इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। विवाद बढ़ने के बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस पूरे विवाद पर कुलपति से स्पष्टीकरण मांगा है। राज्यपाल का भी मानना है कि गुरुदेव टैगोर महानता की निशानी है और बंगाल और पूरे भारत का मान हैं। नई पट्टिका में उनका सम्मान होना चाहिए।
सीएम ने दी आंदोलन की चेतावनी
गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि सिर्फ टैगोर की वजह से शांतिनिकेतन को यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है लेकिन इन्होंने (केंद्र सरकार) पट्टिका से उनका नाम ही हटा दिया। हम अभी तक दुर्गा पूजा की वजह से शांत रहे लेकिन अब इसे लेकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ अस्थायी पट्टिका है और जल्द ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की मंजूरी के बाद नई पट्टिका लगाई जाएगी।