पश्चिम बंगाल में वीआईपी और आपातकालीन अधिकारियों के वाहनों के ऊपर बत्ती लगाने के लिए परिवहन विभाग ने एक नई लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को बाहर कर दिया गया है। यानी अब इन लोगों की गाड़ियों पर लाइट नहीं लगेगी।
केंद्र सरकार ने साल 2017 में लाइटों पर लगाया था प्रतिबंध
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने साल 2017 में आपातकालीन और आपदा प्रबंधन में शामिल लोगों के अलावा वीवीआईपी के लिए सभी प्रकार की लाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अपनी गाड़ियों में लाइट का उपयोग करना जारी रखा था। राज्य परिवहन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए अब इस सूची से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर दिया है।
नई गाइडलाइन के मुताबिक, राज्य सरकार इसके जरिए आम जनता को यह संदेश देना चाहती है कि निम्नलिखित अधिकारियों के वाहन, ड्यूटी पर रहते हुए, आपातकालीन और आपदा प्रबंधन कर्तव्यों के लिए नामित हैं और उन्हें राज्य में अपने वाहन के ऊपर लाइट का उपयोग करने की अनुमति है।