पश्चिम बंगाल के मिदनापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कथित चिकित्सा लापरवाही के कारण बीमार पड़ने के बाद तीन गर्भवती महिलाओं को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जीवन रक्षक प्रणाली के साथ कोलकाता के एसएसकेएम में भर्ती कराया गया।
पश्चिम बंगाल में एक दिन पहले मिदनापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कथित चिकित्सा लापरवाही के कारण मचे बवाल के बाद, आज बीमार पड़ने के बाद तीन गर्भवती महिलाओं को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जीवन रक्षक प्रणाली के साथ कोलकाता के एसएसकेएम में भर्ती कराया गया है। बता दें कि कल यहां कथित चिकित्सा लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी।
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कल भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया था विरोध-प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल में कल मिदनापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी और चार अन्य की हालात गंभीर हो गई थी। इस घटना के बाद राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके साथ ही प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
मृतका के परिवार लगाया बड़ा आरोप
मृतक महिला के परिवार ने मिदनापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमएमसीएच) पर आरोप लगाया है कि उसकी मौत एक्सपायर हो चुके रिंगर लैक्टेट इंजेक्शन के कारण हुई। यह इंजेक्शन आमतौर पर रक्तचाप और रक्त की कमी वाले मरीजों को दिया जाता है। इसके साथ ही मामले में बढ़ती गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में एक विशेष कंपनी की तरफ से बनाए गए आईवी फ्लूइड और 10 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
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जांच के लिए 13 सदस्यीय पैनल का गठन
हालांकि मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने जांच के लिए 13 सदस्यीय पैनल का गठन किया है। वहीं नमूनों की जांच रिपोर्ट आने तक मामले का हल नहीं निकल पाया है।