गौहाटी उच्च न्यायालय ने असम में पंचायत चुनाव की अनुमति दे दी है। 9 याचिकाओं में उल्लेखित क्षेत्रों को छोड़कर बाकी जगहों पर पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। जिन इलाकों में चुनाव की अनुमति नहीं मिली है, उनसे जुड़ी परिसीमन प्रक्रिया को न्यायालय में चुनौती दी गई है। इस कारण कुछ सीटों को छोड़कर चुनाव कराए जाएंगे।
असम में पंचायत चुनाव को लेकर गौहाटी उच्च न्यायालय ने अहम आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की पीठ ने शुक्रवार को यह आदेश पारित किया। हाईकोर्ट के आदेश की प्रति रविवार को सामने आई। पंचायत चुनाव उन जगहों पर नहीं कराए जाएंगे, जिनसे जुड़ी परिसीमन प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी गई थी।
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मुख्यमंत्री बोले- परीक्षाओं के बाद कराएंगे चुनाव; समय भी बताया
अदालत के फैसले के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, पंचायत चुनाव अब कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं पूरी होने के बाद होंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के बाद चुनाव मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में कराए जा सकेंगे। हाईकोर्ट का आदेश राज्य सरकार और असम चुनाव आयोग की अपील पर पारित हुआ। सरकार ने अंतरिम आवेदन दायर कर राज्य के बाकी हिस्सों में पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करने की अनुमति मांगी थी।
17 दिसंबर को हाईकोर्ट ने चुनावी अधिसूचना जारी करने पर लगाई थी रोक
गौरतलब है कि अदालत ने 17 दिसंबर को राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह उसकी अनुमति के बिना चुनाव कराने के संबंध में कोई अधिसूचना जारी न करे। हाईकोर्ट में दाखिल नौ याचिकाओं में मुख्य रूप से पंचायतों के परिसीमन को चुनौती दी गई।