पश्चिम बंगाल में नगर पालिका चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन उम्मीदवार भगवा दल को बड़ा झटका देते हुए शनिवार को पार्टी को अलविदा कह गए। तीनों टीएमसी में शामिल हो सकते हैं। अपना नामांकन वापस लेने वाले ये प्रत्याशी पूर्व विधायक सुनील सिंह, उनके बेटे आदित्य और गरुलिया नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सौरभ सिंह हैं। गरुलिया समेत 108 नगर पालिकाओं में मतदान 27 फरवरी को होना है।
तीनों नेता भाजपा के बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह के संबंधी हैं। बता दें कि अर्जुन सिंह साल 2019 में टीएमसी का साथ छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। टीएमसी में शामिल होने वाले इन तीन उम्मीदवारों को भाजपा ने गरुलिया नगर पालिका के वार्ड संख्या 12, 17 और 18 से उम्मीदवार बनाया था। तीनों ने भाजपा की कार्य करने की शैली पर सवाल उठाते हुए शनिवार को दिन में इन चुनावों से अपना नामांकन वापस ले लिया।
सौरभ सिंह ने भाजपा छोड़ने को लेकर कहा, 'हमने 2019 में भाजपा में शामिल होकर गलती की थी। पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करती है। हम जिस तरह से काम करना चाहते थे, भाजपा में रहते हुए उस तरह से काम नहीं कर पा रहे थे।' तीनों नेताओं ने भाजपा छोड़ने के बाद नेहाटी से विधायक पार्थ भौमिक और राज्य सरकार में मंत्री ज्योतिप्रियो मलिक से बैरकपुर प्रशासनिक इमारत में मुलाकात की।
वहीं, इसे लेकर भाजपा के सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि तीनों लोग अब मेरे परिवार का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने पार्टी को धोखा दिया है। उन्होंने नगर पालिका चुनाव के लिए भाजपा से टिकट की भीख मांगी थी और अब पार्टी की पीठ में छुरा घोप दिया है। उन्हें गरुलिया की जनता चुनाव में करारा जवाब देगी। ये लोग अब मेरे परिवार का हिस्सा नहीं हैं। जो लोग भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं वही मेरे परिवार के सदस्य हैं।'