पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान हत्या, हिंसा और झड़प की घटनाओं पर स्पष्टीकरण के लिए बुलाए जाने के बाद राजीव सिन्हा राज्यपाल के सामने पेश होने में विफल रहे थे।
पश्चिम बंगाल के राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा ने रविवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की। राज्यपाल सीवी आनंद बोस और एसईसी के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। राजभवन से निकलते समय एसईसी ने मीडियाकर्मियों से कोई बात नहीं की।
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कुछ दिन पहले, पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान हत्या, हिंसा और झड़प की घटनाओं पर स्पष्टीकरण के लिए बुलाए जाने के बाद राजीव सिन्हा राज्यपाल के सामने पेश होने में विफल रहे थे। राज्यपाल बोस ने संवाददाताओं से कहा था, राज्य चुनाव आयुक्त ने राज्यपाल से मुलाकात का अनुरोध किया था। मैंने संकेत दिए थे कि मैं कुछ अहम बिंदुओं पर बातचीत करना चाहता हूं। जब वह तैयार हो जाएं तो वह आज या किसी भी दिन आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव से जुड़े अहम मुद्दों पर आयुक्त से बात करना जरूरी था।
नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान धमकाने का आरोप
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि विभिन्न स्थानों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रति निष्ठा रखने वाले लोगों द्वारा उनके उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने के लिए धमकाया गया और उन पर हमला किया गया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान राज्य में हिंसा हुई। राज्य में हुई हिंसा के दौरान कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
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नियुक्ति पत्र लौटाने के बाद मिले राज्यपाल से मिले एसईसी
हाल ही में पश्चिम बंगाल में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा का नियुक्ति पत्र प्रदेश सरकार को लौटा दिया था। बता दें कि राज्य में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए मतदान होना है। नामांकन के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जमकर हिंसा हुई। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट पहले ही सीबीआई जांच के आदेश दे चुका है। इस संबंध में राज्यपाल ने राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा को चर्चा के लिए बुलाया था, लेकिन चुनाव आयुक्त उनसे मिलने के लिए राजभवन नहीं पहुंचे थे। इसके बाद राज्यपाल बोस ने 21 जून को सिन्हा का नियुक्ति पत्र स्वीकार करने से इन्कार कर दिया और इसे वापस राज्य सचिवालय भेज दिया।