पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित युवा भारती स्टेडियम में प्रसिद्ध फुटबॉलर मेसी के आगमन के दौरान अव्यस्था को लेकर बढ़ते विवाद के बाद पश्चिम बंगाल के खेल व युवा कल्याण मंत्री अरूप बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। अरूप विश्वास के इस्तीफे के बाद उनके मंत्रालय का कार्यभार खुद ममता बनर्जी संभालेंगीं। इसस पहले उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कहा था कि निष्पक्ष जांच के हित में वह खेल विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते हैं।
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डीसीपी अनीश सरकार निलंबित
इससे पहले मेसी के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने के मामले में विधाननगर के डीसीपी अनीश सरकार को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस मामले में राज्य के खेल सचिव राजेश कुमार सिन्हा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा साल्ट लेक स्टेडियम के सीईओ डीके नंदन की सेवाएं वापस ले ली गई हैं।
मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था
मुख्य सचिव ने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए राज्य सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था और लापरवाही की जांच करेगी।
कब और किस मामले में उपजा विवाद
13 दिसंबर का दिन कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम के लिए कभी न भूलने वाला बन गया। इस दिन फुटबॉल जगत के सबसे बड़े सितारों में से एक लियोनल मेसी पहली बार कोलकाता में मैदान पर उतरे। हजारों की संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचे थे। लोगों ने सिर्फ मेसी की एक झलक पाने के लिए भारी-भरकम टिकट कीमतें चुकाईं, लेकिन जो उम्मीद लेकर आए थे, वही सबसे बड़ी निराशा में बदल गई। मेसी मैदान पर सिर्फ कुछ मिनट ही मौजूद रह सके, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा कारणों से स्टेडियम से बाहर ले जाया गया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।