पश्चिम बंगाल में आज जारी पंचायत चुनावों में हिंसा की कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। 20 जिलों में हो रहे चुनाव में हिंसा की अलग अलग घटनाओं में 6 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन हिंसक घटनाओं के मद्देनजर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ऑब्रायन ने पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में हिंसक घटनाओं का इतिहास याद दिलाते हुए आज की हिंसा को मामूली करार दिया है।
डेरेक ओब्रायन ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, 'बंगाल पंचायत चुनाव के 'नवजात' विशेषज्ञ को बता दूं कि राज्य के पंचायत चुनाव का अपना इतिहास रहा है। 1990 में सीपीआई(एम) के शासनकाल में 400 लोगों मारे गए और 2003 में 40 लोगों की मौत हुई थी। हर मौत दुखद है। लेकिन पहले की तुलना में अब हालात सामान्य के करीब हैं। सिर्फ कुछ दर्जन घटनाएं हुई हैं। सिर्फ 58000 बूथ में से 40 पर। आप प्रतिशत बताएं।'
ओब्रायन ने आज की वारदातों को बहुत कम बताया और इन घटनाओं के लिए सीपीआई (एम) और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा, 'सीपीआई (एम) और बीजेपी चुनाव जीतने के लिे इतनी उतावली हैं कि उन्होंने माओवादियों के साथ साठगांठ कर तृणमूल के तीन कार्यकर्ताओं की अलग अलग वारदातों में हत्या कर दी। जानबूझकर हिंसा भड़काई जा रही है। क्या ये लोकतंत्र है?