पश्चिम बंगाल में 19 जिलों की 568 बूथों पर पंचयात चुनाव के लिए पुनर्मतदान हो रहा है। सोमवार को हुए 20 जिलों में पंचायत चुनाव के लिए हुए मतदान में भारी हिंसा देखी गई थी। खबरों के मुताबिक बंगाल के कई हिस्सों में अभी भी हिंसा जारी है। इस बीच राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को फैसल किया कि बुधवार को पुनर्मतदान कराए जाएंगे।
देर शाम मंगलवार को बंगाल के मुख्य चुनाव आयुक्त एके सिंह ने सोमवार को हुई मौतों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा, "राजनीतिक दलों के मुताबिक कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है।" उन्होंने कहा, "पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मतदान के दौरान सिर्फ 6 लोगों की मौत हुई है। अन्य चार हुई मौतों का चुनाव से संबंध नहीं है। मतदान के बाद हुई मौतों की जांच की जा रही है।"
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह पूछे जाने पर कि क्या वह सोमवार को की गई सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट थे, सिंह ने कहा, "अब क्यों पूछे रहे हैं?"
यह पूछे जाने पर कि क्या वह पुनर्मतदान के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट हैं, उन्होंने कहा, "अब बताने का क्या औचित्य है?"
सिंह के जवाबों की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है। बीजेपी के महासचिव राजू बनर्जी ने आरोप लगाया, "मुख्य चुनाव आयुक्त एक संवैधानिक अधिकारी की तरह नहीं बल्कि राज्य सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं।"
झाड़ग्राम एकमात्र जिला है जहां मंगलवार शाम तक पुनर्मतदान कराने का आदेश नहीं दिया गया था।
राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि इससे पहले कभी भी बंगाल में 600 बूथों में फिर से मतदान का आदेश नहीं दिया गया था। हालांकि विपक्षी दलों को इससे कोई संतुष्टि नहीं मिली।
सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो के सदस्य और लोकसभा सांसद मो. सलीम ने आरोप लगाया कि, "यह भी एक तथ्य है कि इससे पहले कभी भी चुनावों को पूरी तरह से तमाशा नहीं बनाया गया था। टेलीविजन फुटेज इसके सबूत हैं कि तृणमूल के गुंडे मतपेटियों को उठाकर ले जा रहे हैं या फर्जी वोटों डाल रहे हैं। लोकतंत्र की हत्या हुई है।"
विपक्षी दलों ने मंगलवार को राज्य चुनाव आयोग के सामने आरोप लगाया कि सोमवार को हुई चुनावी हिंसा में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं और उन्होंने मांग की थी कि हजारों बूथों में फिर से मतदान कराया जाए।