पश्चिम बंगाल चुनाव (फाइल फोटो)
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की अधिसूचना को निरस्त करने के राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को नई अधिसूचना जारी करके नामांकन स्वीकार करने का निर्देश जारी किया।
जस्टिस सुब्रत तालुकदार ने कहा कि अधिसूचना को रद्द करने को चुनौती देने वाली भाजपा, माकपा और अन्य विपक्षी दलों द्वारा दाखिल याचिकाएं विचारणीय हैं। राज्य निर्वाचन आयोग को नामांकन दाखिल करने की तारीख बढ़ाने के लिए नई अधिसूचना जारी करनी चाहिए। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने आयोग को पंचायत चुनाव प्रक्रिया की तारीख फिर से निर्धारित करने और उसी के अनुरूप चुनाव कराने का भी निर्देश जारी किया।
बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई पूर्व की अधिसूचना के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव तीन चरणों में 01 मई से 05 मई तक होने थे। मतगणना आठ मई को निर्धारित थी। इन चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया नौ अप्रैल को समाप्त हुई थी।
उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति तालुकदार ने बीते 10 अप्रैल को राज्य निर्वाचन आयोग के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी जिसमें उसने नामांकन पत्रों के दाखिले के लिए बढ़ाई गई समयसीमा को वापस ले लिया था। विपक्षी दलों का आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से जारी हिंसा और राज्य निर्वाचन आयोग के अचानक लिए गए फैसले से उनके हजारों उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सके हैं।