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ममता के मंत्री पर शिकंजा: पार्थ चटर्जी के कार्यालय पहुंची सीबीआई, चिटफंड घोटाला मामले में की पूछताछ

Mon, 13 Sep 2021 01:27 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

आई-कोर चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम  टीएमसी के मंत्री  पार्थ चटर्जी के कोलकाता स्थित कार्यालय पर पहुंची है।
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सीबीआई - फोटो : social media
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दरअसल, आई-कोर चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम सोमवार को उनके कोलकाता स्थित कार्यालय पर पहुंची। सीबीआई ने आई-कोर चिटफंड घोटाले के संबंध में उनसे पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्होंने कहा कि वे मेरे कार्यालय आए और कंपनी (आई-कोर) के बारे में कुछ बातें जानना चाहते थे। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि मेरे पास जो भी जानकारी है, मैं उनके साथ साझा करूंगा।

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चटर्जी के कार्यालय पर सीबीआई छापे पर बोलते हुए टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर ने कहा कि भाजपा ने अदालत और सीबीआई का ध्यान आकर्षित करने के लिए कहानियां गढ़ी हैं। इस सरकार को संविधान या उसके प्रावधानों का कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का एक और मामला है। हमने बार-बार कहा है कि भाजपा सरकार केवल टीएमसी सरकार को निशाना बना रही है, क्योंकि ममता बनर्जी एकमात्र नेता हैं जो उनकी जनविरोधी नीतियों का विरोध कर रही हैं।

बता दें कि इससे पहले पार्थ चटर्जी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आई-कोर चिटफंड घोटाले में पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा था। लेकिन उन्होंने वरिष्ठ नागरिक का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया और कहा कि अगल सीबीआई उनके आवास या दफ्तर पर आकर पूछताछ करती है तो वह इसमें सहयोग करेंगे।
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जानिए क्या है आई-कोर चिटफंड घोटाला
आई-कोर चिटफंड घोटाला का खुलासा साल 2015 में उस समय हुआ जब केंद्रीय जांच एजेंसी ने आई-कोर समूह के मालिक अनुकुल मैती को कथित तौर पर छोटे निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये के अवैध रूप से एकत्रित धन जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। धन शोधन के आरोपों का सामना करने वाले मैती भुवनेश्वर की एक जेल में बंद थे, जहां नवंबर 2020 में उनकी मृत्यु हो गई।
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