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West Bengal: 18 साल से लापता वायु सैनिक बेटे की राह देख रही बुजुर्ग मां, पोती पूछती है कब आएंगे पापा

Wed, 16 Nov 2022 05:34 PM IST
Harendra Chaudhary एन. अर्जुन, कोलकाता

सार

West Bengal: संजय के बुजुर्ग माता-पिता व परिवार के लोग बीते 18 वर्षों में बेटे का पता लगाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों से लेकर रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आज तक कोई पता नहीं चला। बुजुर्ग मां-पिता की पथराई आंखें मौन सवाल करती हैं, आखिर कहां है उनका बेटा...
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sanjay kumar jha - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पिछले 18 बरसों से एक बुजुर्ग मां की आंखें अपने बेटे के इंतजार में पथरा गई हैं। लेकिन उम्मीद का दामन है कि छोड़ा नहीं है। उन्हें लगता है कि बेटा एक दिन लौटेगा और गले से लगाएगा, और अपने सारे वादे पूरे करेगा। कहते हुए थोड़ा उदास हो जाती हैं, शूर्यकला देवी। फिर कहती हैं, इसे क्या जवाब दूं (अपनी पोती की ओर इशारा करते हुए), जब यह पूछती है, दादी बताओ, पापा कब आएंगे। रूआंसे गले से वह कहती हैं, मेरे पास इसके सवालों का जवाब नहीं है।

मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले निवासी शूर्यकला देवी, पति- दुर्गानंद झा के बेटे सार्जेंट संजय कुमार झा भारतीय वायुसेना में बतौर फ्लाइट इंजीनियर तैनात थे और 18 साल पहले 16 नवंबर, 2004 को पठानकोट एयरबेस स्थित कार्यस्थल से रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। संजय के माता-पिता व भाई पश्चिम बंगाल के हावड़ा के दासनगर, बालीटिकुरी में ही रहते हैं। शूर्यकला देवी के अनुसार, बीते 18 वर्षों में बार-बार विभाग व सरकार से पूछने पर भी सही जानकारी हमें नहीं मिली। विभाग ने पहले तो उसे भगोड़ा बताया, फिर हाई कोर्ट ने फटकारा तो विभाग ने लापता कह दिया। मुझे जानना है कि मैं इसी तरह इंतजार करती रहूं या फिर अपनी बहू के माथे के सिंदूर को अपने हाथों से ही पोंछ दूं। दुनिया में आने के बाद से हर रोज अपने पापा से मिलने के ख्वाब सजा रही, अब जवान हो चुकी मेरी पोती को क्या कह दूं कि उसका पिता दुनिया छोड़ चुका है।

मैं एक अभागा पिता, पता नहीं बेटा कहां है...

संजय के बुजुर्ग माता-पिता व परिवार के लोग बीते 18 वर्षों में बेटे का पता लगाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों से लेकर रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आज तक कोई पता नहीं चला। बुजुर्ग मां-पिता की पथराई आंखें मौन सवाल करती हैं, आखिर कहां है उनका बेटा। 74 वर्षीय संजय के पिता दुर्गानंद झा कहते हैं, एक पिता के लिए उसके बेटे का सेना में होना गर्व की बात होती है, लेकिन मैं ऐसा अभागा पिता हूं, जिसे ये तक नहीं पता कि उसका बेटा कहां है।

पीएम से अपील, आंखों में बीत जाती है रात

शूर्यकला देवी ने प्रधानमंत्री से भावुक अपील की है। वह कहती हैं, प्रधानमंत्री जी मेरा बेटा जिंदा है या मर गया, इस सवाल के साथ पिछले 18 बरस रात और दिन आंखों में बीत गए। जब आखिरी बार उसे घर से भेजते समय का उसका चेहरा भूल नहीं पाती। मेरी पोती जब मुझसे पूछती है कि पापा कब आएंगे, तो मेरे पास कोई जवाब नहीं होता। आप ही मेरी आखिरी उम्मीद हो। क्या मैं मरने से पहले अपने बेटे को देख पाऊंगी।

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sanjay kumar jha - फोटो : Amar Ujala
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पत्नी को मिली थी नौकरी

विभाग ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। इस पर झा परिवार पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया। 2009 में हाई कोर्ट के निर्देश पर वायुसेना की तीसरी कोर्ट आफ इंक्वायरी (जांच अदालत) ने पिछली दो कोर्ट आफ इंक्वायरी के आदेश को निरस्त करते हुए संजय को लापता घोषित किया और विभाग ने पत्नी को फैमिली पेंशन समेत अन्य सभी विभागीय सुविधाएं प्रदान करना शुरू किया था। लंबी लड़ाई के बाद 2016 में वायुसेना ने आखिर पत्नी को नौकरी भी दी। संजय की पत्नी फिलहाल दिल्ली में तैनात हैं।

विभाग ने मानी थी गलती

वायुसेना की जांच अदालत ने 2009 में माना था कि शुरुआत में जूनियर अधिकारियों द्वारा की गई जांच के आधार पर भगोड़ा घोषित करने से न सिर्फ एक जाबांज वायुयोद्धा संजय के परिवार को असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ा, बल्कि इससे वायुसेना की साख भी धूमिल हुई। अदालत ने भविष्य में इस प्रकार के मामलों में विंग कमांडर या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में जांच की सिफारिश तक की थी।

सांसद भी सीबीआई जांच की कर चुके हैं मांग

मां के अनुरोध पर दरभंगा के तत्कालीन सांसद कीर्ति झा आजाद भी कई बार रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। कीर्ति आजाद ने सरकार व विभाग के रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इतने वर्ष बीते जाने के बावजूद बिना उचित जांच के इस मामले का अनसुलझा रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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