पश्चिम बंगाल के मंत्री उत्तर 24 परगना के हिंसाग्रस्त क्षेत्र संदेशखाली पहुंचे। वहीं राज्य मंत्री सुजीत बोस का मानना है कि भाजपा लगातार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगा रही है। उन्होंने बताया कि टीएमसी अपना काम कर रही है।
मीडिया से बात करते हुए सुजीत बोस ने कहा, "भाजपा लगातार आरोप लगा रही है। इससे फर्क नहीं पड़ता। म अपना काम कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि मतदान शांतिपूर्वक हो।" उन्होंने आगे कहा, हमने गांववालों से बात की है और उनकी समस्याओं को लिखित में लिया है। हमने उन्हें जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया है।
संदेशखाली दौरे पर टीएमसी नेता पार्थ भौमिक ने कहा, मैं लोगों से बात कर रहा हूं और उनकी शिकायतें सुन रहा हूं। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी समस्याओं को सुलझाएं।
इससे पहले संदेशखाली में पीड़ितों से मिलने के लिए फैक्ट फाइंडिंग (तथ्य जांचने वाली टीम) टीम बंगाल दौरे पर थी, लेकिन पुलिस ने टीम को संदेशखाली पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इसके विरोध में फैक्ट फाइडिंग टीम विरोध में वहीं पर धरने पर बैठ गई।
हंगामे के बाद पुलिस ने टीम के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। छह सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग टीम का नेतृत्व पटना हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एल नरसिम्हा रेड्डी कर रहे हैं। पुलिस ने संदेशखाली में धारा 144 लागू होने का हवाला देकर फैक्ट फाइंडिंग को रोका। पुलिस ने टीम को भोजेरहाट इलाके में रोका और फिर हंगामे के बाद वहीं से गिरफ्तार कर लिया।
क्या है संदेशखाली विवाद
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित गांव संदेशखाली इन दिनों भारी विरोध प्रदर्शन का गवाह बन रहा है। दरअसल गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।