बंगाल की ममता बनर्जी सरकार आशा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को रोकने की कोशिशों में जुटी है। इसके तहत बुधवार को विभिन्न आशा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। आशा कार्यकर्ता ने अपनी मांग को लेकर आज स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय तक मार्च का एलान किया है।
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में आशा कार्यकर्ताओं के विरोध को कुचलने की कोशिश कर रही है। इसके तहत बुधवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। साथ ही राज्य के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की जा रही है। दरअसल आशा कार्यकर्ता बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन तक अपनी मांगों को लेकर विरोध मार्च निकालने की तैयारी कर रही हैं। इसे रोकने के लिए राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
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रेलवे स्टेशन से नहीं निकलने दे रही बंगाल पुलिस
आशा कार्यकर्ता अपने मासिक मानदेय में बढ़ोतरी और बीमा कवर की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य में बीती 23 दिसंबर से ही काम रोका हुआ है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि बंगाल पुलिस ने सियालदह स्टेशन और हावड़ा स्टेशन के बाहर बैरिकेडिंग की हुई है। इन स्टेशनों पर राज्य के विभिन्न जिलों से प्रदर्शनकारी पहुंच रही हैं।
कई प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद स्टेशन पर ही धरने पर बैठ गईं। पश्चिमी दिनाजपुर की एक आशा कार्यकर्ता ने बताया कि सुबह 6.30 बजे से ही उन्हें रेलवे स्टेशन से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य भवन के नजदीक भी कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
आशा कार्यकर्ता बीते कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। बीती 8 जनवरी को भी आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य भवन तक मार्च किया था। इसके बाद 12 जनवरी को भी आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित स्वास्थ्य भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और ट्रैफिक को भी नियंत्रित किया गया है।