सिद्दिकी ने कहा कि 41 दिनों में मैंने बहुत अनुभव हासिल कर लिया है। अब इन्हीं अनुभवों की मदद से मैं आगे बढ़ूंगा।' बता दें कि आईएसएफ नेता को बीती 21 जनवरी को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
इंडियन सेक्युलर फ्रंट के नेता और भांगर सीट से विधायक नौशाद सिद्दिकी को शनिवार को जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि वह ममता सरकार के घोटालों पर उन्हें घेरते रहेंगे। बता दें कि आईएसएफ नेता को 42 दिन बाद जेल से रिहा किया गया। एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था। नौशाद सिद्दिकी ने जेल से बाहर आने के बाद कहा कि यह आम जनता की जीत है। अगर उन्हें लगता है कि मैं जेल जाने से डर जाऊंगा तो वह गलत हैं।
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सिद्दिकी ने कहा कि 'मैं अभी भी अपने मकसद के लिए संघर्ष करूंगा और मुद्दों पर बोलूंगा। सरकार के कामकाज, इसके घोटालों और गलतियों को हम जनता के सामने रखेंगे। सिद्दिकी ने कहा कि 41 दिनों में मैंने बहुत अनुभव हासिल कर लिया है। अब इन्हीं अनुभवों की मदद से मैं आगे बढ़ूंगा।' बता दें कि आईएसएफ नेता को बीती 21 जनवरी को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। दरअसल नौशाद सिद्दिकी की विधानसभा सीट भांगर में आईएसएफ कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया था।
इसी के विरोध में नौशाद सिद्दिकी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप लगे कि प्रदर्शन के दौरान आईएसएफ समर्थकों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और उन पर हमला किया। इसके बाद नौशाद सिद्दिकी को प्रेसीडेंसी सुधारगृह जेल दमदम भेज दिया गया था। शनिवार को उनकी रिहाई की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में आईएसएफ समर्थक फूल-मालाओं के साथ अपने नेता का स्वागत करने पहुंचे थे।