रामनवमी के दौरान पश्चिम बंगाल के आसनसोल में सांप्रदायिक हिंसा में अपने बेटे को खोने वाले इमाम ने एक बार फिर भावुक अपील की है।
स्थानीय नूरानी मस्जिद के इमाम मौलाना इम्दादुल रशीदी ने कहा कि 'मेरा बेटा चला गया कोई बात नहीं, मैंने इस शहर को 30 साल दिए हैं, मुझसे अगर मोहब्बत है तो इस शहर को शांत रखो।'
बता दें कि इससे पहले भी इम्दादुल रशीदी आसनसोल की शांति के लिए अपील कर चुके हैं। इमाम ने कहा था कि उन्होंने अपना बेटा खोया लेकिन इसे मुद्दा मत बनाइए। वह नहीं चाहते कि हिंसा और दंगे की आग में उनकी तरह ही किसी अन्य परिवार को अपने प्रियजन की मौत का गम झेलना पड़े। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर वे उनसे मोहब्बत-प्यार करते हैं तो बदला लेने की बात भूल जाएं।
गौरतलब है कि इमाम का 16 वर्षीय छोटा बेटा हफीज सबीतुल्ला मंगलवार को भड़की हिंसा के दौरान लापता हो गया था। अगले दिन उसका शव मिला। उसके शरीर और सिर पर गहरी चोट के निशान थे।
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