अमित शाह और ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
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बंगाल में जारी सियासी संघर्ष और हत्याओं पर केंद्र सरकार ने गहरी चिंता जताई है। ममता सरकार को जारी एडवाइजरी में गृह मंत्रालय ने कहा कि चुनाव के बाद भी जारी हिंसाएं राज्य सरकार की नाकामी दिखाती है। टीएमसी सरकार को राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा में नाकाम पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के जवाब में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मलय कुमार डे ने गृह मंत्रालय को पत्र लिख कर जवाब दिय है। इसमें उन्होंने राज्य में हालात काबू में होने का दावा किया है। पत्र में लिखा है कि चुनाव के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा की गई थी। इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा बिना किसी देरी के कार्रवाई की गई। मलय ने आगे लिखा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और इस प्रकार की घटनाओं के आधार पर राज्य में कानून व्यवस्था को असफल नहीं माना जा सकता।
बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। आज यहां जो स्थिति है, वह 20 साल पहले के कश्मीर की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के 'राजनीतिक आतंकवादी' दिन दहाड़े भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं और पुलिस मूक दर्शक बनी रही। वही पुलिस बसंती हाइवे पर कार्यकर्ताओं के शव वाहन रोकती है। उन्होंने राज्य सरकार पर बिगड़ी कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए ट्वीट भी किया।