फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगाल में जुबानी जंग: विधानसभा स्पीकर पर भड़के राज्यपाल धनखड़, बोले- मेरे खिलाफ बोलने का लाइसेंस मिला है क्या?

Tue, 25 Jan 2022 02:05 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर से सियासी जंग शुरू हो गई है। प्रदेश के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को विधानसभा स्पीकर और सीएम ममता पर जमकर हमला बोला।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को एक बार फिर से विधानसभा स्पीकर बिमान बनर्जी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला। उन्होंने स्पीकर पर संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन करने और उनके द्वारा मांगी गई जानकारी प्रदान नहीं करने का आरोप लगाया। गणतंत्र दिवस से पहले विधानसभा परिसर में बी आर अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद धनखड़ ने संवाददाताओं से कहा कि ऐसा लग रहा है कि स्पीकर के पास राज्यपाल के बारे में कुछ भी बोलने का लाइसेंस है। वे कुछ भी बोले जा रहे हैं खुद नियमों की अवहेलना कर रहे हैं।

विज्ञापन


राज्यपाल ने स्पीकर पर लगाए कई गंभीर आरोप
उन्होंने दावा किया कि कई मौकों पर स्पीकर ने उन्हें मांगी गई जानकारी नहीं दी, जिसमें बीएसएफ के संचालन के क्षेत्र के विस्तार पर विधानसभा के प्रस्ताव का विवरण भी शामिल था। धनखड़ ने कहा कि विधानसभा में उनके अभिभाषण को दो बार ब्लैक आउट किया गया। क्या वह अनुच्छेद 168 को नहीं जानते हैं। राज्यपाल विधायिका में नंबर एक है, सदन में दूसरा ... मैं इस तरह के अविवेकपूर्ण, असंवैधानिक कार्य का सामना नहीं करूंगा। स्पीकर अब से राज्यपाल के संबोधन को ब्लैकआउट नहीं करेंगे। यदि वह ऐसा करते हैं तो कानून का सामना करने के लिए तैयार रहें। धनखड़ ने विधानसभा के लॉन में यह बातें तब कहीं जब स्पीकर उनसे कुछ फीट पीछे खड़े थे।

जिन्होंने अपनी मर्जी से वोट दिया, उन्हें इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी
मंगलवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में लोगों को अपने मताधिकार का स्वतंत्र और निडर होकर प्रयोग करने की स्वतंत्रता नहीं है। धनखड़ ने कहा कि हमने चुनाव के बाद अभूतपूर्व स्तर की हिंसा देखी है, जिन्होंने अपनी मर्जी से वोट देने की हिम्मत की, उन्हें इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें