सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों से उनके मूल देश की जानकारी देने संबंधी बंगाल सरकार की एक अधिसूचना पर विवाद पैदा हो गया है। तमाम शिक्षक संगठनों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी उक्त अधिसूचना में आवेदन करने वालों को अपने मूल देश की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा महिला उम्मीदवारों को स्वास्थ्य के दूसरे पहलुओं के साथ अपने गर्भाशय और डिंबाशय के बारे में भी जानकारी देनी होगी कि यह दोनों अंग ठीक से काम करते हैं या नहीं।
जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने इस अधिसूचना पर गहरी नाराजगी जताई है। संगठन के महासचिव पार्थ प्रतीम राय ने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि उम्मीदवारों से यह बताने को क्यों कहा जा रहा है कि वे मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं। इस अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आखिर महिला उम्मीदवारों के गर्भाशय औऱ डिंबाशय के बारे में जान कर सरकार क्या करेगी? इसका नौकरी से क्या संबंध है।