गंगासागर मेले में तीर्थयात्री (फाइल फोटो)
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पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेले से पहले समुद्र तट के कटाव का खतरा बढ़ता जा रहा है। यहां मेले के केंद्र कपिल मुनि मंदिर के 500 मीटर के दायरे में समुद्र तट लगातार कटाव का सामना कर रहा है, जिसको देखते हुए सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। एक अधिकारी ने बताया कि बंगाल सरकार ने तटरेखा को खराब होने से बचाने के लिए जरूरी उपाय करने को कहा है। उन्होंने बताया, इस हिस्से में कटाव स्वाभाविक है और यह टाइडल प्रिज्म की कमी के कारण होता है, लेकिन मई, 2021 में आए चक्रवास यास के बाद से इसकी स्थिति और खराब हो गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किए गए अस्थायी इंतजाम
अधिकारी ने बताया, मंदिर के पास की तीन सड़कें भी जर्जर हैं। हालांकि, चिंता करने की जरूरत नहीं है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर एक प्रायोगिक और अस्थायी परियोजना शुरू की गई है। समागम को ध्यान में रखते हुए समुद्र तट का जीर्णोद्धार किया है। उन्होंने बताया, कपिल मुनि आश्रम के पास समुद्र तट पर ट्रैप बैग का इस्तेमाल किया है। हमने वहां के कम से कम 475 मीटर क्षेत्र को कवर किया है। यदि यह सफल रहा, तो हमारे पास कटाव को रोकने के लिए इस विधि का उपयोग करने की योजना है।
मेला समाप्त होने के बाद लगाए जाएंगे टेट्रापोड
सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बताया, मेला समाप्त होने के बाद कटाव वाले क्षेत्र में टेट्रापोड लगाए जाएंगे। टेट्रापोड तरंग-विघटित कंक्रीट ब्लॉक का एक रूप है जिसका उपयोग कटाव को रोकने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल टेट्रापोड का उपयोग नहीं किया जा सकता है। कपिल मुनि मंदिर के मुख्य पुजारी महंत संजय दास ने कहा कि कटाव की समस्या पर पश्चिम बंगाल सरकार काम कर रही है। आश्रम में धीरे-धीरे पानी आ रहा है। ऐसे में केंद्र के सहयोग की भी जरूरत है।
रविवार से शुरू हो रहा नौ दिवसीय मेला
सागर द्वीप पर नौ दिवसीय मेला रविवार से शुरू होने जा रहा है। बता दें, मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों हिंदू तीर्थयात्री गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर डुबकी लगाने के लिए दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं।