पश्चिम बंगाल के कोयला घोटाले के मामले में ईडी ने सोमवार को सरगना अनूप माझी की करीब 165 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली। केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई धनशोधन कानून के तहत कुर्क की है।
इसी मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी से सीबीआई ने पूछताछ की थी। पश्चिम बंगाल में गैर कानूनी तरीके से कोयले का खनन का अनूप माझी कथित तौर पर सरगना है। ईडी ने बयान जारी कर बताया कि कुर्क संपत्तियों में भूमि, फैक्टरी परिसर, संयंत्र, मशीन और दो कंपनियों- इस्पात दामोदर प्राइवेट लिमिटेड व सोनिक थर्मल प्राइवेट लिमिटेड की संपत्तियां हैं।
पुरुलिया व बांकुड़ा में है संयंत्र
दोनों कंपनियों का उत्पादन संयंत्र पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और बांकुड़ा में है व इनका लाभार्थी अनूप माझी है। बयान के मुताबिक कुर्क की गई संपत्ति की कुल कीमत 165.86 करोड़ रुपये है।
अपराध की संपत्ति से खरीदी हिस्सेदारी
ईडी का आरोप है कि माझी ने अपराध से अर्जित 67.80 करोड़ रुपये की राशि इन कंपनियों की हिस्सेदारी खरीदने एवं इनके संयंत्र/संपत्ति अधिग्रहित करने पर खर्च की। इसके अलावा अपराध से अर्जित 98.06 करोड़ रुपये की राशि भी इन कंपनियों में स्थानांतरित की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया जांच में सहयोग का निर्देश
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने माझी को छह अप्रैल तक गिरफ्तारी से सुरक्षा दी है, लेकिन जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
ईस्टर्न कोलफिल्ड लिमिटेड से जुड़ा है मामला
करोड़ों रुपये का यह कोयला घोटाला ईस्टर्न कोलफिल्ड लिमिटेड के कुसंतोरिया और कजोरा इलाके की खदानों से जुड़ा है, जो पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले के आसपास है।