फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगाल में दुर्गा पूजा में करोड़ों की हेराफेरी: पूर्व मंत्री के ठिकानों पर छापे; क्या ममता को भी भेजे गए पैसे?

Thu, 01 Oct 2026 10:08 PM IST
राकेश कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला ,नई दिल्ली।

सार

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता में 15 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में मासआर्ट सोसाइटी पर यूनेस्को के नाम और लोगो का कथित दुरुपयोग कर टिकट बेचने और पैसों की हेराफेरी करने के आरोप हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी कंपनी के खातों में 3.8 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जमा हुई। कंपनी से ममता बनर्जी को करीब 30 लाख रुपये भी भेजे गए थे, जिसे सेन ने रॉयल्टी की रकम बताया है।
 
विज्ञापन
ईडी एक्शन - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में 15 ठिकानों पर छापेमारी की है। इनमें राज्य सरकार के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के कार्यालय और अन्य ठिकाने भी शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, दुर्गा पूजा के विशेष दर्शन कार्यक्रम के प्रबंधन में कथित तौर पर लोगों से पैसे जुटाए गए और यूनेस्को के नाम व लोगो का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। जांच में इंद्रनील सेन और उनकी कंपनी के बैंक खातों में 3.8 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जमा होने की बात भी सामने आई है।
विज्ञापन


एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी के कोलकाता जोन-I ने धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 17 के तहत यह कार्रवाई की। जांच कोलकाता पुलिस आयुक्तालय के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। यह प्राथमिकी जयदीप मुखर्जी की लिखित शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायत में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन, मासआर्ट सोसाइटी की अध्यक्ष मधुछंदा सेन, सचिव ध्रुवज्योति बोस, उपाध्यक्ष सायनतन मैत्रा और कोषाध्यक्ष रंजन चटर्जी समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे।

यूनेस्को के नाम पर लोगों को गुमराह करने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच मासआर्ट सोसाइटी के माध्यम से लोगों से बड़ी रकम जुटाई गई। आरोप है कि संस्था ने खुद को यूनेस्को से प्रायोजित बताकर लोगों को गुमराह किया। इसके साथ ही, दुर्गा पूजा के विशेष दर्शन कार्यक्रम के व्यावसायीकरण और उससे जुटाई गई रकम के कथित दुरुपयोग की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि सार्वजनिक धार्मिक आयोजन को निजी मुनाफा कमाने का जरिया बनाया गया।
विज्ञापन


24 दुर्गा पूजा पंडालों के लिए बेचे गए टिकट
ईडी की जांच में सामने आया कि मासआर्ट सोसाइटी के माध्यम से कोलकाता के 24 चुनिंदा दुर्गा पूजा पंडालों में विशेष दर्शन कार्यक्रम के लिए टिकट बेचे गए। इन टिकटों की कीमत 1,749 रुपये से लेकर 5,499 रुपये तक थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, वर्ष 2023 और 2024 के दौरान ही ऐसे एक लाख से अधिक टिकट जारी किए गए। आरोप है कि टिकटों की बिक्री के लिए यूनेस्को के आधिकारिक नाम, प्रतिष्ठा और लोगो का व्यावसायिक इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया।

नकदी निकालकर रकम के दुरुपयोग का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, टिकटों की बिक्री से प्राप्त रकम को कथित तौर पर बैंक खातों से नकदी निकालकर या विविध खर्चों के नाम पर दर्ज करके हड़प लिया गया। ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि कार्यक्रम से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया।प

यह भी पढ़ें: अजीब हादसा: अचानक निकल गए चलती बस के दोनों पिछले पहिए, सड़क पर घिसटती रही गाड़ी; 20 यात्रियों की बची जान

85 करोड़ रुपये से अधिक के ठेकों की भी जांच
जांच में पश्चिम बंगाल सरकार के पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय से जुड़े ठेकों का मामला भी सामने आया है। ईडी के अनुसार, इंद्रनील सेन के मंत्री रहते हुए 85 करोड़ रुपये से अधिक के कई ठेके ध्रुवज्योति बोस और दीपेश रॉय की कंपनियों को दिए गए थे। दोनों को सेन का करीबी सहयोगी बताया गया है। आरोप है कि इन कंपनियों ने बाद में बड़ी रकम उन कंपनियों को हस्तांतरित की, जिन पर इंद्रनील सेन के रिश्तेदारों का नियंत्रण था। इन ठेकों से जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों से बड़ी मात्रा में नकदी निकाले जाने की भी जांच की जा रही है। ईडी के मुताबिक, इंद्रनील सेन के मंत्री रहते हुए उनके और उनकी एकल स्वामित्व वाली कंपनी ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के बैंक खातों में 3.8 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जमा की गई थी। जांच एजेंसी इस रकम के स्रोत और इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है।

ममता बनर्जी को भी भेजे गए करीब 30 लाख रुपये
जांच में यह भी सामने आया कि ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के बैंक खाते से बैंकिंग माध्यमों के जरिए पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करीब 30 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए थे। इंद्रनील सेन का दावा है कि यह रकम रॉयल्टी के तौर पर दी गई थी। इस लेनदेन से जुड़े तथ्यों और रकम की प्रकृति की जांच की जा रही है।
विज्ञापन


ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मामले से जुड़े डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच एजेंसी ने इन्हें कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया है। इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए कथित वित्तीय अनियमितताओं, टिकटों की बिक्री से जुटाई गई रकम और संबंधित बैंक खातों के लेनदेन की पड़ताल की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें