पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद और गायक बाबुल सुप्रियो के राजनीति से दूरी के एलान के बाद राज्य भाजपा खेमे में खलबली मची हुई है। पार्टी ने सभी सांसदों को एकजुट रखने और उनकी बातों को सुनने की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को सौंप दी है। घोष ने भी सभी सांसदों से मुलाकात करना शुरू कर दिया है। घोष के नेतृत्व में जल्द सभी सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश में लचर कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के घर जाएंगे सांसद
हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ भाजपा के सभी सांसदों की एक बैठक हुई थी। इस बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और अमित मालवीय भी शामिल हुए थे। बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि संसद सत्र के बाद मोदी सरकार में नए मंत्री बने निशीथ प्रमाणिक, जॉन बारला, सुभाष सरकार और शांतनु ठाकुर, पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के घर जाएंगे।
पार्टी के एक सांसद ने अमर उजाला से नाम न छापने के अनुरोध पर कहा कि मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार को एक महीना होने जा रहा है लेकिन पश्चिम बंगाल के कोटे से केंद्र सरकार में मंत्री बने सांसद राज्य में कोई बड़ी भूमिका निभाते नजर नहीं आ रहे हैं। सांसद के अनुसार इसलिए पार्टी ने तय किया है कि नए मंत्री संसद सत्र खत्म होने के बाद बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसक घटनाओं में मारे गए कार्यकर्ताओं के घर जाएंगे और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे।
उन्होंने बताया कि सभी सांसदों से यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार के खिलाफ वे लगातार आवाज उठाते रहें और अपने संसदीय क्षेत्रों के विधायकों के साथ संपर्क में रहे। एक माह में बूथ और मंडल स्तरों पर कार्यकर्ताओं की बैठक भी लें। बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा नेताओं से प्रदेश में भाजपा के कार्यकर्ताओं की स्थिति की पूरी जानकारी भी ली। राज्य के कुछ जिलों में अभी भी तनाव की स्थिति है और पार्टी ने प्रभावित जगहों पर प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं भाजपा के सांसद
कुछ दिन पहले ही बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने राज्य के सभी सांसदों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी। सभी सांसदों की टीम जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर उन्हें राज्य के हालात के बारे में जानकारी देगी। अमर उजाला से बातचीत में घोष ने कहा कि आने वाले दिनों में हमने प्रधानमंत्री समेत अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा कि सांसदों ने स्वास्थ्य मंत्री को बंगाल में कोरोना रोधी टीकों पर की जा रही राजनीति के बारे में जानकारी दी है।
घोष ने कहा कि बंगाल में भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को वैक्सीन नहीं मिल रही है। इस मुद्दे पर हमें आंदोलन करना पड़ रहा है। हमने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि इस मामले का जल्द समाधान किया जाए। बंगाल सरकार पर टीकों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए घोष ने कहा, राज्य के पास 30 लाख से अधिक वैक्सीन हैं लेकिन या तो उन्हें जानबूझ कर वितरित नहीं किया जा रहा है या फिर वह खराब प्रबंधन के चलते ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। हम चाहते हैं कि राज्य के टीकाकरण केंद्रों की जिम्मेदारी केंद्र नियंत्रित स्वास्थ्य इकाइयों को सौंप दिया जाए।
भाजपा ने की 'पश्चिम बंग बचाओ' कार्यक्रम की शुरुआत
दूसरी ओर, बंगाल में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ सोमवार से सभी बूथों पर भाजपा ने 'पश्चिम बंग बचाओ' कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत अगले एक सप्ताह के दौरान भाजपा कार्यकर्ता कई मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। भाजपा कार्यकर्ता नकली वैक्सीन, राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और राज्य में सत्ताधारी दल के अत्याचार का विरोध करेंगे। पार्टी कार्यकर्ता व समर्थक जिलों में मशाल जुलूस भी निकालेंगे।