पिछले सात दिनों से लगातार पश्चिम बंगाल में हर दिन 3,040 केस मिल रहे हैं। वहीं बिहार में यह आंकड़ा 2,122, झारखंड में 1,734 और ओडिशा में 981 है। असम की बात करें, तो नए मरीजों का औसत 234 है, जो बंगाल के मुकाबले 10 गुना से ज्यादा कम है। कुल केसों की बात करें, तो पश्चिम बंगाल की महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के मुकाबले अच्छी स्थिति है, लेकिन जिस तरह से नए केसों में इजाफा देखने को मिल रहा है, वह चिंता की बात है। 26 फरवरी को राज्य में चुनाव की घोषणा के बाद से कोरोना मामलों की संख्या दोगुनी होने की अवधि 15 गुना तक कम हो गई है। 12 अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक, 138 दिनों में केस दोगुने होने की स्थिति है।
बंगाल: चार चरण के चुनाव बाकी
बता दें कि पश्चिम बंगाल में अब भी चार चरणों का चुनाव बाकी है। 17, 22, 26 और 29 अप्रैल को अभी मतदान होना है। उससे पहले चुनाव प्रचार जोरों पर है। ऐसे में विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि राज्य में कोरोना का कहर बढ़ सकता है। रैलियों में बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने और आवाजाही के चलते संकट गहरा सकता है। बता दें कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।