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पश्चिम बंगाल: CM शुभेंदु अधिकारी ने महिलाओं को दी बड़ी सौगात, 1 जून से सरकारी बसों में कर सकेंगी मुफ्त यात्रा

Sun, 24 May 2026 07:46 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल सरकार ने 1 जून 2026 से राज्य की सभी महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। महिलाओं को डिजिटल स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे, हालांकि शुरुआती दौर में फोटो पहचान पत्र के आधार पर भी सुविधा मिलेगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच आसान करना है।
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आधार और वोटर आईडी से मिलेगा मुफ्त सफर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए राज्यभर की सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। यह योजना 1 जून 2026 से लागू होगी। राज्य परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि महिलाओं को सशक्त बनाने और सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच आसान करने के लिए यह फैसला लिया गया है। योजना के तहत राज्य की सभी महिलाओं को छोटी और लंबी दूरी की सरकारी बसों में बिना किराया दिए यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक बचत होगी और उनकी आवाजाही पहले से ज्यादा आसान बनेगी।
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महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा कैसे मिलेगी?
राज्य सरकार इस योजना के लिए महिलाओं को एक डिजिटल स्मार्ट कार्ड जारी करेगी। इस कार्ड पर क्यूआर कोड, फोटो और लाभार्थी का नाम दर्ज होगा। कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं को आवेदन करना होगा, जो संबंधित बीडीओ या एसडीओ कार्यालय में जमा किया जाएगा। सरकार ने कहा है कि योजना लागू होने के शुरुआती दौर में स्मार्ट कार्ड बनने तक महिलाएं किसी भी वैध फोटो पहचान पत्र के आधार पर मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। बस कंडक्टर पहचान पत्र देखने के बाद जीरो वैल्यू टिकट जारी करेगा।

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स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
सरकार ने योजना के लिए कई पहचान पत्र मान्य किए हैं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज और सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के पहचान पत्र भी मान्य होंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी किसी अन्य वैध पहचान पत्र का भी उपयोग किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि योजना को आसान और व्यापक बनाने के लिए दस्तावेज प्रक्रिया को सरल रखा गया है।

सरकार इस योजना को महिलाओं के लिए कितना अहम मान रही है?
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। कई महिलाएं रोजाना काम, पढ़ाई और घरेलू जरूरतों के लिए बसों पर निर्भर रहती हैं। मुफ्त यात्रा से उनके खर्च में कमी आएगी। साथ ही दूर-दराज इलाकों में रहने वाली महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। सरकार ने इस योजना को वित्त विभाग और मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया है।
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क्या राज्य की परिवहन व्यवस्था पर इसका असर पड़ेगा?
सरकार का दावा है कि योजना लागू होने के बाद भी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सुचारु रखा जाएगा। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो। माना जा रहा है कि योजना लागू होने के बाद सरकारी बसों में महिला यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है।
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