पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दूसरे राज्यों में काम कर रहे राज्य के प्रवासी श्रमिकों से घर लौटने और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का आग्रह किया। कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 'दुआरे सरकार' समेत राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाएं भी गिनाईं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दूसरे राज्यों में काम कर रहे राज्य के प्रवासी श्रमिकों से घर लौटने और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का आग्रह किया। कोलकाता में एमएसएमई पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रवासी श्रमिकों की एक सूची तैयार करने पर काम कर रही है, जो 'दुआरे सरकार' (दरवाजे पर सरकार) शिविरों में किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रवासी श्रमिकों की सूची तैयार करने का काम राज्य सरकार की योजना 'दुआरे सरकार' (दरवाजे पर सरकार) के तहत लगने वाले शिविरों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, 'आप काम करने के लिए दूसरे राज्यों में क्यों जा रहे हैं और पांच लाख रुपये का ऋण राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जा रहा है, उसे क्यों नहीं चुन रहे हैं? आप अपने परिवार को कहीं और काम करने के लिए यहां क्यों छोड़ रहे हैं? मैं आप सभी से वापस आने के लिए कहूंगी।'
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए अपनी सरकार द्वारा की गई पहलों को भी गिनाया। मुख्यमंत्री ने कोलकाता के दक्षिणापान और पूर्व मेदिनीपुर के न्यू दीघा में सरकारी शोरूम का भी उद्घाटन किया।
विज्ञापन
2024 तक हर ग्रामीण परिवार को पेयजल का कनेक्शन: मंत्री
इस बीच बंगाल के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) मंत्री पुलक रॉय ने विधानसभा में कहा कि सरकार 2024 तक राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने वाली है। रॉय ने कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन योजना के तहत वर्ष 2023 में 62 लाख से अधिक परिवारों को पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। मार्च 2024 तक ग्रामीण इलाकों के हर परिवार को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।