मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सद्बुद्धि आएगी और जल्द ही एसईसी की नियुक्ति की जाएगी। बनर्जी ने सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, पद अभी भी खाली है और पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) के पद के लिए बंगाल सरकार के नामितों को अपनी मंजूरी देने में देरी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को स्थिति को अभूतपूर्व करार दिया। क्योंकि राज्य को कुछ महीनों के भीतर पंचायत चुनाव कराने की जरूरत है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सद्बुद्धि आएगी और जल्द ही राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की जाएगी। बनर्जी ने सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, पद अभी भी खाली है और पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं। यह पहली बार है जब हम इस तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं। सद्बुद्धि आने दीजिए। मैं किसी के सामने नहीं झुकूंगी।
सौरव कुमार दास के कार्यकाल पूरा होने के बाद से एसईसी का पद खाली पड़ा है। बनर्जी ने कहा कि राज्य चुनाव आयुक्त के पद के लिए अपनी सिफारिश राज्यपाल को भेज दी है। हालांकि, फाइल राजभवन के पास लंबित है। राज्य सरकार ने शुरू में पूर्व मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को प्रस्तावित किया था, लेकिन बोस ने यह जानने की मांग करते हुए फाइल वापस कर दी थी कि एक सेवानिवृत्त नौकरशाह पर ही विचार क्यों किया जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, राज्य सचिवालय की तरफ से अतिरिक्त मुख्य सचिव अजित रंजन बर्मन का नाम भी भेजा गया था। हालांकि, ऐसी अटकलें हैं कि राजभवन चाहता है कि पैनल में कोई तीसरा नाम जोड़ा जाए। पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, अगर राज्यपाल कोई दूसरा नाम चाहते हैं तो वह कह सकते हैं। राज्य चुनाव आयोग को राज्य में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायत निकायों के चुनाव कराने का अधिकार है। अगले एसईसी का पहला काम पंचायत चुनाव कराना होगा।
विज्ञापन
अगले कुछ महीनों में सवा लाख नई नियुक्तियां करेगी बंगाल सरकार: ममता
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव जल्द होने वाले हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को घोषणा की कि सरकार अगले कुछ महीनों में विभिन्न विभागों में 1.25 लाख नई नियुक्तियां करेगी। राज्य सचिवालय नबन्ना में घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि 11000 प्राथमिक शिक्षक, 14500 माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक, 20000 पुलिसकर्मी, 12000 ग्रुप डी के कर्मचारी और 3000 ग्रुप सी के कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। साथ ही, 2000 प्रोफेसर और डॉक्टर, 7000 नर्स और आशा कार्यकर्ता, 9493 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 13926 आंगनवाड़ी सहायिका नियुक्त की जाएंगी। ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वह भर्तियों को लेकर राजनीति न करें।