पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा में मारे गए लोगों को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान सामने आया है। उन्होंने फैक्ट फाइंडिंग टीम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बनर्जी ने पूछा कि जब मणिपुर और असम जल रहा था तब फैक्ट फाइडिंग टीम कहां थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ये भाजपा की उकसावे वाली समितियां हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'जब (जातीय हिंसा से) मणिपुर जल रहा था तब फैक्ट फाइंडिंग टीम कहां थी? जब एनआरसी के कारण असम जल रहा था तब यह टीम कहां थी? कितने आयोगों ने इन स्थानों का दौरा किया? 2 साल के भीतर, 154 टीमों ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया है। ये भाजपा की उकसावे वाली समितियां हैं, फैक्ट फाइंडिंग समितियां नहीं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि (पंचायत चुनाव के दौरान) इतने सारे लोग मारे गए। वे परिस्थितियों के शिकार हैं। मैंने पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा है।'
बनर्जी ने कहा कि जिन 19 लोगों की मौत हुई है, उन्हें 2 लाख रुपये का मुआवजा और होमगार्ड की विशेष नौकरी दी जाएगी। इनमें टीएमसी के 10 विधायक शामिल हैं। हम इस आधार पर अंतर नहीं करेंगे कि वे किस पार्टी से संबंधित हैं, जो लोग मारे गए हैं, उन्हें सरकार से मुआवजा और नौकरी दी जाएगी।