भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई में असंतोष की आवाज शनिवार को साफ सुनाई दी जब बागी नेताओं के एक दल ने केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की अगुवाई में पार्टी की हाल ही में गठित राज्य समिति पर नाराजगी व्यक्त की। कई भाजपा नेताओं के साथ बैठक करने के बाद ठाकुर ने कहा कि नई राज्य और जिला समितियों ने समर्पित और वफादार नेताओं के बलिदान को नजरअंदाज किया है, जो भगवा दल को राज्य में इसकी वर्तमान स्थिति में लेकर आए।
शांतनु ठाकुर ने कहा, 'जो भाजपा को इसकी वर्तमान स्थिति में लेकर आए हैं उन्हें समिति में नजरअंदाज किया गया है। ऐसे 90 फीसदी नेताओं को इससे बाहर रखा गया है। महत्वपूर्ण मटुआ और अन्य पिछड़ी जातियों के नेताओं को बाहर रखा गया है। नई राज्य और जिला स्तरीय समितियां गैर अनुभवी नेताओं से भरी हुई हैं।' उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या कुछ लोग ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए कर रहे हैं कि भाजपा राज्य में अच्छा प्रदर्शन न कर पाए?'
'भाजपा को कमजोर कर रहा है एक नेता, केंद्रीय नेतृत्व के पास जाऊंगा'
माटुआ समुदाय से आने वाले ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य भाजपा में एक नेता संगठन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि मैं यह मुद्दा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के पास लेकर जाऊंगा। इस सवाल पर कि आज जिन नेताओं के साथ उन्होंने बैठक की क्या वह एक समांतर समिति का गठन करेंगे, ठाकुर ने कहा कि थोड़ा इंतजार करिए, हम हर बात का एलान आपके सामने करेंगे।
ठाकुर ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करना चाहते हैं, हम टीएमसी को बंगाल से हटाना चाहते हैं। हम कभी भाजपा का साथ नहीं छोड़ेंगे।' कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट अतिथि गृह में हुई इस बैठक में भाजपा के जयप्रकाश मजूमदार, सयंतन बसु, रितेश तिवारी, अशोक कीर्तनिया, सुब्रत ठाकुर शामिल हुए थे। इन नेताओं को नवगठित राज्य और जिला समितियों में जगह नहीं दी गई है, जिसके चलते इन नेताओं में असंतोष की स्थिति बनी है।