बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी
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पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल में वो लोग शिकायत दर्ज कर पाएंगे, जिन्होंने आरोप लगाया है कि वे लोकसभा चुनाव और उपचुनाव के दौरान अपना वोट नहीं डाल सके। शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि उपचुनाव के दौरान हजारों लोग अपना वोट नहीं डाल सके। शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान लाखों हिंदुओं को वोट नहीं डालने दिया गया। अधिकारी के इस दावे पर टीएमसी ने भी पलटवार किया है।
शुभेंदु अधिकारी ने लगाए आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'जैसा कि मैंने वादा किया था, मैंने एक पोर्टल लॉन्च किया है, जहां वो मतदाता अपने आप को पंजीकृत कर सकेंगे, जिन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान और हालिया उपचुनाव के दौरान वोट नहीं डालने दिया गया। जिसे भी वोट देने नहीं दिया गया, वह खुद को इस पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है और उनकी गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।' शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि इस पोर्टल का लिंक avedemocracywb.com है। शुभेंदु अधिकारी ने राजभवन के बाहर भी इस मुद्दे पर चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों के साथ विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। इस दौरान वो लोग भी मौजूद रहेंगे, जिन्हें लोकसभा चुनाव और उपचुनाव में वोट डालने नहीं दिया गया था।
शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को भी राजभवन के बाहर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि बंगाल में लोकतंत्र मर चुका है। लगभग 50 लाख हिंदुओं को लोकसभा चुनाव में वोट नहीं डालने दिया गया। वहीं राज्य में हुए विधानसभा के चार सीटों पर हुए उपचुनावों में दो लाख से अधिक हिंदुओं को मतदान नहीं करने दिया गया।
टीएमसी ने बताया- बौखलाहट
वहीं शुभेंदु अधिकारी के दावे पर टीएमसी ने भी पलटवार किया है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि 'भाजपा और इसके नेता बौखलाहट में ऐसा कर रहे हैं क्योंकि वह बड़े-बड़े वादों के बावजूद सीटें जीतने में नाकाम रहे।' घोष ने कहा कि 'अधिकारी इस बात से बौखलाए हुए हैं कि बंगाल की जनता उन्हें बार-बार नकार रही है। उन्हें सच्चाई का सामना करना चाहिए।' बंगाल में लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 12 सीटों पर जीत मिली थी, वहीं हालिया उपचुनाव में भाजपा चारों सीटों पर हार गई।