पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सांसदों और मंत्रियों को भी उम्मीदवार बनाया था। इनमें से भाजपा के दो सांसद निशिथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार क्रमशः दिनहाटा और शांतिपुर से विधायक निर्वाचित हुए हैं। लेकिन अब दोनों नेता ने पार्टी के निर्देश पर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा है।
लोकसभा सदस्य प्रमाणिक व सरकार दोनों ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। कूचबिहार के सांसद प्रमाणिक दिनहाटा से रनघाट के सांसद जगन्नाथ सरकार ने शांतिपुर से विधानसभा चुनाव जीता था। प्रमाणिक जहां मात्र 57 वोट से जीते थे वहीं सरकार ने 16 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी।
दोनों सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर विधायक पद से इस्तीफा दिया है। चूंकि कानून के अनुसार वे दोनों पद नहीं रख सकते थे, इसलिए यह कदम उठाया गया। प्रमाणिक ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार में कोई भी नेता एक साथ सांसद व विधायक नहीं रह सकता। इसलिए हमने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी।
होंगे उपचुनाव, ममता को भी लड़ना होगा चुनाव
स्पीकर बिमान बनर्जी के अनुसार इन सीटों को रिक्त घोषित कर चुनाव आयोग को सूचना दी जाएगी। इसके बाद इन सीटों पर उपचुनाव होगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी नंदीग्राम में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से हार गई हैं, इसलिए उन्हें भी छह माह में विधानसभा में जीत कर जाना है। इसलिए इन सीटों के उपचुनाव में ममता भी दांव लगा सकती है या टीएमसी उनके लिए कोई अन्य सीट खाली करा सकती है।
चार सांसदों को टिकट दिया था
भाजपा ने हालिया विधानसभा चुनाव में अपने चार सांसदों को चुनाव लड़ाया था। इनमें केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, सांसद लॉकेट चटर्जी शामिल हैं। ये दोनों भी चुनाव हार चुके हैं।
अब 75 रह गए भाजपा विधायक
दो नव निर्वाचित विधायकों के इस्तीफे के साथ अब बंगाल में भाजपा के विधायकों की संख्या 75 रह गई है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी है। हालिया चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी ने तीसरी बार सत्ता हासिल की है। टीएमसी ने 213 सीटें जीती हैं।