भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सफलता के लिए कई चरणों का दूरगामी खाका तैयार किया है। आज जहां एक ओर हुबली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार और उनकी पार्टी पर करारा हमला बोला। मां, माटी और मानुष को टारगेट करते हुए प्रधानमंत्री ने भाजपा के नारे 'अब एक अन्याय और नहीं' को धार दी। वहीं अमित मालवीय कहते हैं कि बंगाल की जनता बदलाव के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि अब हमारी जिम्मेदारी जनता की तैयारी को मजबूत आधार देने की है। इसे ध्यान में रखकर पार्टी सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय है। राज्य में पांच स्थानों से निकली रथयात्रा का भी समापन होने वाला है। इसके बाद राज्य में एक बड़ा और भव्य समापन कार्यक्रम होगा। इसके बाद हर रोज एक जनसभा की योजना है। इसके जरिए पूरे बंगाल में जनता को पार्टी के साथ जोड़े रखने का कार्यक्रम चलेगा।
अमित मालवीय कहते हैं कि इस बार पश्चिम बंगाल में जीत का गणित बहुत सीधा सा है। टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार का विरोधी वोट सीधे भाजपा के पास आएगा। क्योंकि पश्चिम बंगाल में टीएमसी का सीधा मुकाबला भाजपा से ही है। दूसरी तरफ भाजपा विरोधी वोट बंटेगा। यह टीएमसी, लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन समेत अन्य को मिलेगा। विरोधी वोट की बात करें तो राज्य की जनता ने पश्चिम बंगाल सरकार को बदलने का मन बना लिया है। यह भाजपा की जनसभा में उमड़ रही भीड़, राज्य में प्रचार अभियान के दौरान लोगों की सहयोग तथा टीएमसी के नेताओं के भाजपा में शामिल होने से ही स्पष्ट है।
मालवीय कहते हैं कि आप खुद देख सकते हैं। हर दिन ममता बनर्जी नया स्टैंड ले रही हैं। वह कहते हैं भाजपा के संतुलित प्रचार अभियान, जनता से मिल रहे समर्थन के कारण ममता बनर्जी की घबराहट बढ़ रही है। इसलिए वह लगातार अपने रुख में बदलाव कर रही है। मालवीय कहते हैं कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के खाते में लोगों को पांच-छह सीट आने का अनुमान था, लेकिन आई 18 सीटें। इसी तरह से पिछले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था।
अमित मालवीय का कहना है कि पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब वहां दो महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए राष्ट्रपति शासन का लगना ही अच्छा रहेगा और हमारा मुख्य फोकस विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनाना है।
केरल में भी इसी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं और असम में दोबारा पार्टी का सत्ता में आना तय है। अमित मालवीय का कहना है कि इस बड़ा संदेश तमिलनाडु से आएगा। दक्षिण भारत के इस राज्य में भाजपा के सहयोगी दल सरकार बनाएंगे।