किसानों के मुद्दे पर भाजपा-टीएमसी ने किए ये एलान
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दीदी ने छोटे किसानों को सालाना 10 हजार रुपये प्रति एकड़ देने का एलान किया है। दरअसल, दीदी कृषि कानूनों के खिलाफ चल किसान आंदोलन को अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं। इसके अलावा वह केंद्र की किसानों को छह हजार रुपये सालाना वाली योजना की काट भी निकालने का प्रयास कर रही हैं। वहीं, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा कि कृषक सुरक्षा योजना के तहत हम हर भूमिहीन किसान को हर वर्ष 4000 रुपये की सहायता देंगे।
पिछड़ा वर्ग को ऐसे लुभा रहीं दोनों पार्टियां
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ममता बनर्जी ने ओबीसी, दलित और आदिवासी परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये देने का वादा किया है। दरअसल, दीदी ने इस एलान से पूरी तरह जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की है, क्योंकि भाजपा की नजर भी इसी वोट बैंक पर सबसे ज्यादा है। ममता बनर्जी ने महिष्य, तामुल, तेली और साहा जातियों को ओबीसी दर्जा देने के लिए टास्क फोर्स का गठन करने की बात कही है। इन जातियों का पूर्वी मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों में खासा असर है। माना जा रहा है कि इस जाति कार्ड से 50 सीटों के नतीजों में उलटफेर हो सकता है। दरअसल, दीदी की नजर जंगलमहल इलाके पर भी है, जहां भाजपा काफी मजबूत मानी जा रही है। उधर गृह मंत्री अमित शाह ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में कहा है कि ओबीसी आरक्षण की सूची में महिस्य, तेली और अन्य हिन्दू समुदाय जो रह गए हैं, उनको समाविष्ट करने का काम भी भाजपा की सरकार करेगी।
महिला वोटों पर भी दोनों पार्टियों की नजर
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टीएमसी के घोषणा पत्र में विधवा महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये देने का वादा किया गया है। इस तरह ममता बनर्जी ने महिला वोटों को अपने पाले में लाने की कोशिश की है। वहीं, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा है कि राज्य सरकार की सभी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देंगे। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलेगा साथ ही 75 लाख किसानों को जो 18 हजार रुपये तीन साल से जो ममता दीदी ने नहीं पहुंचाया है वो सीधे किसानों को बैंक अकाउंट में देंगे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सभी महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था होगी।
आम आदमी से भी अहम वादे
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ममता बनर्जी ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार सत्ता में लौटती है तो सामान्य वर्ग के परिवारों को सालाना 6000 रुपये दिए जाएंगे। इस स्कीम में एक करोड़ 60 लाख लोगों को फायदा पहुंचेगा। अगर ये सभी टीएमसी के वोटर्स में तब्दील होते हैं तो दीदी की हैट्रिक लगनी लाजिमी है। वहीं, भाजपा ने कहा कि हमने तय किया है कि बंगाल में सातवां वेतन आयोग सभी कर्मचारियों को दिया जाएगा। बंगाल को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए हम सीएमओ के अंतर्गत एंटी करेप्सन हेल्प लाइन की शुरुआत करेंगे, जिससे कोई भी नागरिक कम्पलेन सीधे मुख्यमंत्री जी को पहुंचा पाएगा। अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया है कि सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट को पहली ही कैबिनेट में लागू करेंगे। मुख्यमंत्री शरणार्थी योजना के तहत प्रत्येक शरणार्थी परिवार को पांच साल तक डीबीटी से 10 हजार रुपया प्रतिवर्ष दिया जाएगा।
गरीबों पर भी भाजपा-टीएमसी की नजर।
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ममता बनर्जी ने टीएमसी के घोषणा पत्र में सबसे बड़ा वादा घर-घर राशन पहुंचाने का किया है। चुनाव की घोषणा होने से पहले ममता कोलकाता समेत कई जगह मां रसोई शुरू कर चुकी हैं, जहां गरीबों को पांच रुपये में भरपेट खाना दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि मां रसोई का दांव दीदी को चुनावी फायदा दे सकता है। इसके अलावा घर-घर राशन योजना से आम आदमी भी टीएमसी के साथ जुड़ सकता है। वहीं, भाजपा ने ऐसा कोई एलान नहीं किया। ऐसे में यह वादा टीएमसी को फायदा पहुंचा सकता है।
दोनों पार्टियों ने किया 'अपनी छत' देने का वादा
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अपने घर का सपना हर शख्स का होता है। बंगाल चुनाव में भाजपा और टीएमसी इस मुद्दे को भी भुनाने में जुटी हुई हैं। टीएमसी ने घर बनाने में 25 लाख रुपये की मदद करने का वादा किया। वहीं, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 11 हजार करोड़ के सोनार बांग्ला फंड का एलान किया।
युवाओं और छात्रों पर भाजपा-टीएमसी की नजर
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ममता बनर्जी ने छात्रों के लिए क्रेडिट कार्ड लाने का एलान किया है। साथ ही, हर साल पांच लाख नौकरियां देने की बात भी कही है। इन वादों से दीदी ने छात्रों और युवाओं को रिझाने की कोशिश की गई है। वहीं, भाजपा ने केजी से लेकर पीजी तक छात्राओं की शिक्षा मुफ्त करने का एलान किया।