गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की आखिरी सूची जारी कर दी है, जिसमें 13 प्रत्याशियों के नाम हैं, लेकिन इसमें मिथुन चक्रवर्ती को जगह नहीं दी गई। दरअसल, मिथुन चक्रवर्ती को रासबिहारी सीट से चुनाव लड़ाने की अटकलें लग रही थीं, लेकिन भाजपा ने इस सीट पर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रता साहा को मैदान में उतारा है। बता दें कि मिथुन चक्रवर्ती ने सात मार्च को परेड ब्रिगेड ग्राउंड में पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया था। उस दौरान भाजपा के सूत्रों का दावा था कि मिथुन को रासबिहारी सीट से मैदान में उतारा जाएगा।
बता दें कि परेड ब्रिगेड ग्राउंड में मिथुन ने जमकर फिल्मी डायलॉग बोले थे। उन्होंने बंगाली फिल्म का एक डायलॉग कहा था कि मैं आपको यहां मारूंगा और आपकी लाश श्मशान भूमि में मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि मैं कम नुकसान पहुंचाने वाला पानी या रेत वाला सांप नहीं हूं। मैं कोबरा हूं। एक बार काटा तो आप तस्वीर में ही नजर आएंगे।
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही मिथुन ने अपना वोटर कार्ड कोलकाता की मतदाता सूची में ट्रांसफर कराया। बताया जा रहा है कि मिथुन 30 मार्च को सुवेंदु अधिकारी के लिए नंदीग्राम में प्रचार करेंगे। उस रोड शो में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहने का अनुमान है। गौरतलब है कि बंगाल में आठ चरणों में मतदान होगा।
भाजपा की ओर से जारी अंतिम सूची के मुताबिक, पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी को पहले उत्तर बंगाल की अलीपुरद्वार सीट से उतारा गया था। हालांकि, इसमें बदलाव किया गया और उन्हें बालुरघाट सीट से मौका दिया गया है। अंतिम लिस्ट में अहम बदलाव नॉर्थ 24 परगना जिले की गायघाट सीट पर देखने को मिला, जहां से सुब्रत ठाकुर को टिकट दिया गया है। वह शांतनु ठाकुर के भाई हैं, जो भाजपा सांसद हैं और मतुआ समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूत्रों का दावा है कि मतुआ समुदाय की निर्णायक 30-40 सीटों पर समुदाय के एक भी उम्मीदवार को मौका नहीं दिया गया, जिससे शांतनु नाराज हैं। ऐसे में पार्टी ने उनके भाई को टिकट देने का फैसला किया।
अलीपुरद्वार के अलावा भाजपा ने चोव्रिन्घी और काशीपुर-बेलगछिया सीट से भी उम्मीदवार बदले हैं। दरअसल, पहले यहां जिन उम्मीदवारों को टिकट दिया गया, उन्होंने चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया। दरअसल, चोव्रिन्घी से पूर्व टीएमसी विधायक और दिवंगत कांग्रेस नेता सोमेन मित्रा की पत्नी शिखा मित्रा उस वक्त नाराज हो गईं, जब बिना मर्जी उनके नाम का एलान कर दिया गया। इसके अलावा भाजपा ने काशीपुर-बेलगछिया सीट पर जो उम्मीदवार उतारा, वह टीएमसी के सक्रिय सदस्य निकले।