पीएम मोदी ने हिंदुत्व कार्ड खेलते हुए कहा कि दीदी यदि आपको किसी को खुश करना है, तो कर सकती हैं, लेकिन स्वामी विवेकानंद, चैतन्य महाप्रभु और रामकृष्ण परमहंस की परंपरा को मैं गाली नहीं देने दूंगा। बता दें कि ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा था कि यूपी और बिहार से टीका और भगवा वस्त्र धारी गुंडे आ रहे हैं। पीएम ने ममता बनर्जी की ओर से की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दीदी ने कहा कि मेरा स्क्रू ढीला हो गया है। वह ऐसी तमाम बातें कर सकती हैं, लेकिन कम से कम संविधान का तो अपमान नहीं करना चाहिए।
कहा- दीदी जिनको मानती थी बाहरी, अब उनसे मांगी मदद
मोदी ने कहा कि पहले चरण की वोटिंग होने के बाद उनकी बौखलाहट और बढ़ गई है। कल ही दीदी ने देश के कई नेताओं को संदेश भेजकर मदद की अपील की है। जो लोग दीदी की नजर में बाहरी हैं, टूरिस्ट हैं, जिन्हें वो कभी मिलने तक का समय नहीं देती थीं, अब उनसे समर्थन मांग रही हैं। दीदी बंगाल में अब खूनी खेल नहीं चलेगा।
पीएम ने कहा कि अगर दीदी ने पांच साल तक बंगाल के लोगों की सेवा की होती, तो यह नहीं करना पड़ता क्या। ईवीएम को दीदी पहले ही गाली दे चुकी हैं और चुनाव आयोग को भी कठघरे में खड़ा कर चुकी हैं।