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Politics: 'झूठ का जाल बुन रहे', चार साल में आठ करोड़ नौकरियां देने के दावे को लेकर PM मोदी पर कांग्रेस का तंज

Sun, 14 Jul 2024 03:50 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Politics: कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मुंबई में नौकरियां देने पर झूठ का मायाजाल बुन रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री से तीन सवाल भी पूछे।
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मल्लिकार्जुन खरगे, पीएम मोदी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया। उसने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री झूठ का जाल बुन रहे हैं। दरअसल, एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दावा किया था कि बीते तीन-चार वर्षों में आठ करोड़ नौकरियां पैदा हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि नौकरियों पर झूठ फैलाने वाले अब बेनकाब हो चुके हैं। 

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए एक्स पर लिखा, "कल आप मुंबई में नौकरियां देने पर झूठ का मायाजाल बुन रहे थे। मैं आपको फिर याद दिलाना चाहता हूं कि आपने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) की घोषणा करते हुए क्या कहा था। अगस्त 2020 में आपने कहा था-एनआरए करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगा। सामान्य पात्रता परीक्षा के जरिए यह कई परीक्षाओं को समाप्त कर देगा और कीमती समय के साथ-साथ संधाधनों की भी बचत करेगा। इससे पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा।"

खरगे ने तीन सवाल पूछे- "पहला, एनआरए ने पिछले चार वर्षों से एक भी परीक्षा क्यों नहीं कराई? दूसरा, क्यों एनआरए को 1,517.57 करोड़ रुपये का फंड मुहैया कराने के बावजूद चार वर्षों में अब तक केवल 58 करोड़ रुपये खर्च किया गया है? तीसरा, एनआरए सरकारी नौकरियों की भर्ती के लिए संस्था बनी थी। क्या जानबूझकर एनआरए को निष्क्रिय रखा गया, ताकि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग) के युवाओं से उनके आरक्षण का हक छीना जा सके?"
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उन्होंने आगे आरोप लगाया, "राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से धांधली, पेपर लीक व घोटाला कराया गया और एनआरए से परीक्षा ही नहीं करवाई गई। शिक्षा प्रणाली को तहस-नहस करने का और युवाओं के भविष्य को तंग-तबाह करने का बीड़ा भाजपा-आरएसएस ने उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा, हमने एनआरए का मुद्दा पहले भी उठाया था, पर मोदी सरकार मौन व्रत धारण करके बैठी हुई है।" 

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