उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का कहर जारी है। गुजरात में नदियां ऊफान पर हैं। बांधों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। वडोदरा और जामनगर समेत कई जिले जलमग्न हैं। अकेले जामनगर से पिछले दो-तीन दिन में बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे 15,000-20,000 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन होने से 72 सड़कें बंद हैं। आंध्र प्रदेश में भूस्खलन और वर्षा जनित घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई है। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में बाढ़ के कारण अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है।
जम्मू-कश्मीर : दो चरणों में वर्षा की संभावना
जम्मू-कश्मीर में सितंबर के पहले पखवाड़े में दो चरणों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, दो व तीन सितंबर और फिर सात व आठ सितंबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। इस बीच, राजोरी जिले में ऊफनती नदी में डूबे युवक की तलाश तेज कर दी गई है। एसडीआरएफ की टीम शनिवार सुबह से ही उसकी तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन आखिरी सूचना मिलने तक युवक का कुछ पता नहीं चल पाया था।
वायनाड में भूस्खलन के केंद्र में फिर मलबा गिरा
केरल में भी मौसम का कहर दिख रहा है। वायनाड जिले में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन का केंद्र रहे पंचिरीमट्टम के ठीक ऊपर शनिवार को भी पहाड़ से भारी मलबा गिरा। पिछले भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई और 78 लोग अभी भी लापता हैं।
गुजरात के तट से दूर गया चक्रवात असना
गुजरात पर मंडराते चक्रवाती तूफान असना का खतरा टल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके पश्चिम और उत्तर पश्चिम की तरफ से बढ़ने की संभवना है। IMD के मुताबक असना शनिवार रात गुजरात के नलिया से 460 किमी पश्चिम, पाकिस्तान के कराची से 310 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम इलाके में स्थित है।