भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत में 3 अप्रैल तक पारे के 5-7 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ने की संभावना है। गुजरात में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। बिहार में भी 2-3 डिग्री तक अधिकतम तापमान बढ़ सकता है और 3 अप्रैल के बाद इसमें कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आएगा। 3 अप्रैल तक मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण प्रायद्वीपीय और महाराष्ट्र में भी अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
यह भी पढ़ें - India Helps Myanmar: म्यांमार भूकंप पीड़ितों की मानवीय मदद; भारतीय नौसेना के दो जहाजों पर भेजी गई राहत सामग्री
सौराष्ट्र और कच्छ में गर्म हवाएं चलने की संभावना
आईएमडी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय क्षेत्रों और सौराष्ट्र व कच्छ में गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई है। एक अप्रैल तक असम के कुछ हिस्सों में गर्म और आर्द्र मौसम की स्थिति रह सकती है। 3 अप्रैल तक त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, केरल और माहे में भी अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के 126 मंडलों में रविवार को भी लू चलने की चेतावनी जारी की गई थी।
इसे भी पढ़ें- Myanmar Earthquake : म्यांमार में दहशत के साये में जिंदगी, 35 लाख लोग हुए बेघर, शिविरों में शरण लेने को मजबूर
महाराष्ट्र में बना कम दबाव का क्षेत्र
आईएमडी के अनुसार, मध्य महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से 1-3 अप्रैल के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में आंधी, बिजली और तेज हवा (30-60 किमी प्रति घंटे की गति) के साथ छिटपुट से लेकर हल्की वर्षा होने की संभावना है। विदर्भ में 1 अप्रैल को, पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 और 3 अप्रैल को, 31 मार्च से 3 अप्रैल के दौरान महाराष्ट्र, 31 मार्च से 3 अप्रैल के दौरान गुजरात, 1-3 अप्रैल के दौरान केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना है।