वहीं, श्रीनगर में शनिवार की रात इस मौसम की सबसे सर्द रात रही और शहर में पारा लगातार शून्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। घाटी में सोमवार से ‘चिल्लई-कलां’ शुरू हो रहा है। यह 40 दिन की अवधि होती है और इस दौरान तापमान में अधिकतम गिरावट आती है और बर्फ गिरने की संभावना काफी होती है।
अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी कश्मीर के पहलगाम में पारा शून्य से 9.5 डिग्री सेल्सियस नीचे जबकिगुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 9.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। वहीं कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने कहा कि इस महीने के अंत तक बड़ी बर्फबारी का पूर्वानुमान नहीं है। हालांकि सोमवार और मंगलवार को कश्मीर के दूरदराज इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है।
राजस्थान में हाड़ कंपाने वाली ठंड
राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और माउंट आबू में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम व चुरू में शून्य से 0.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। इसी तरह, उत्तर प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों में भी कड़ाके की सर्दी का सितम जारी रहा।
मध्य प्रदेश के रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, ग्वालियर और चंबल संभागों में पिछले 24 घंटे से शीत लहर चल रही है। इनमें से कई स्थानों पर रविवार सुबह तक सर्द मौसम बना रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।
आईएमडी के भोपाल कार्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी जीडी मिश्रा ने शनिवार को बताया कि ग्वालियर, चंबल और शहडोल के साथ ही रीवा, सतना, सागर और छतरपुर में कुछ स्थानों पर रविवार सुबह तक शीत लहर चलेगी।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के 30 में से नौ मौसम केंद्रों में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक समाप्त 24 घंटे की अवधि में तीन डिग्री सेल्सियस (उमरिया में) से पांच डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान दर्ज किया गया। कई केंद्रों पर न्यूनतम तापमान तीन से लेकर 10 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।’