मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक दरअसल कमजोर पड़े पश्चिमी विक्षोभ की एक बार फिर से बड़ी सक्रियता देखने को मिल रही है। यह सक्रियता न सिर्फ उत्तर पश्चिम बल्कि पूर्वोत्तर के राज्यों में भी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार देर शाम से गुरुवार रात तक अरुणाचल प्रदेश से लेकर नागालैंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में न सिर्फ तेज बारिश हो सकती है, बल्कि भारी ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ मौसम में बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। इसका असर पूर्वोत्तर के राज्यों में तापमान के और कम होने के साथ बढ़ेगा। जबकि पश्चिम उत्तरी हिमालय सीजन में बर्फबारी हवाओं और ओलावृष्टि का असर देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक मानते हैं कि उत्तर भारत में महज 60 घंटों तक यह असर देखा जा सकता है, जबकि पूर्वोत्तर के राज्यों में यह असर 72 घंटे से ज्यादा बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिक आलोक यादव कहते हैं कि बीते 24 घंटों के दौरान जम्मू कश्मीर समेत उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी और बारिश हुई है, जो बीते दो दिनों की तुलना में कुछ कम हुई है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में भी मौसम बदलाव देखा गया। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कुछ घंटों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर पूर्वी मध्यप्रदेश समेत तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से लेकर समूचे पूर्वोत्तर में अगले 72 घंटों बारिश हो सकती है। इसके अलावा इन इलाकों में तेज ओलावृष्टि भी होने का अनुमान है।