महाराष्ट्र के पालघर जिले में इस मानसून में भारी बारिश के कारण अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और 450 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। 'रेड अलर्ट' का मतलब होता है- 24 घंटे में 200 मिलीमीटर से ज्यादा की 'बहुत भारी से अति भारी' बारिश।
जिले के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया, 21 जून से अब तक भारी बारिश के कारण पालघर में चार लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही 461 घरों को नुकसान हुआ है, जिनमें 375 पक्के मकान और 86 झोपड़ियां या कच्चे घर शामिल हैं। हमारी टीमें नुकसान का जायजा ले रही हैं और जरूरतमंदों को मदद दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि 25 जुलाई को गोपाल वर्घड़े (60 वर्षीय) चास नदी में बह गए। इससे पहले 6 जुलाई को अंबेघर (विक्रमगढ़ के धरमपुर इलाके) में रुथिक माधा (23 वर्षीय) नाले में फिसल गए थे। 5 जुलाई को बारशेटी गांव में बुज़ुर्ग महिला (77 वर्षीय) बह गईं, जबकि 21 जून को अलकापुर के गोविंद कांबड़ी तेज बहाव में डूब गए थे। चारों शव बरामद कर लिए गए हैं और पुलिस ने सभी मामलों में दुर्घटनावश मृत्यु के मामले दर्ज किए हैं।
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अधिकारी ने आगे कहा, जिले में लगातार भारी बारिश और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे बाढ़ संभावित इलाकों में न जाएं।
केरल में भी मूसलाधार बारिश
केरल में शुक्रवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने कई हिस्सों में तबाही मचा दी है। नदियों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आईएमडी ने राज्य के तीन जिलों एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर में 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया है। शनिवार शाम को मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए अलर्ट को 'ऑरेंज' से बढ़ाकर 'रेड' किया। इसके अलावा पथानमथिट्टा, कोट्टायम, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट', और बाकी तीन जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
रेड अलर्ट का मतलब है 24 घंटे में 20 सेमी से ज्यादा की 'बहुत भारी से अति भारी' बारिश। ऑरेंज अलर्ट में 11 से 20 सेमी तक की 'बहुत भारी' बारिश होती है, जबकि येलो अलर्ट 6 से 11 सेमी तक की 'भारी' बारिश का संकेत देता है। आईएमडी के अनुसार, अगले पांच दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। रविवार तक हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।
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समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाओं के कारण मछुआरों को 30 जुलाई तक केरल-कर्नाटक-लक्षद्वीप तटों पर मछली पकड़ने से मना किया गया है। कोझिकोड में रातभर की बारिश और तेज हवाओं से पेड़ उखड़ गए और कई मकान व गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। बिजली के खंभे और तार गिरने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसी तरह की घटनाएं कोट्टायम, पलक्कड़ और कन्नूर में भी सामने आई हैं। पलक्कड़ के अलीयर बांध और वायनाड के बाणासुरा सागर बांध के कैचमेंट एरिया में जलस्तर बढ़ने के कारण उनके गेट खोल दिए गए हैं। डाउनस्ट्रीम इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।