कर्नाटक के हम्पी में दो महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म की घटना को लेकर राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा, 'हम इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हमने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा है। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) एक विशेष टीम गठित करेंगे और आईजी पहले ही वहां पहुंच चुके हैं।'
क्या है पूरी वारदात?
यह वारदात 6 मार्च की रात को कर्नाटक के विजयनगर जिले के हम्पी इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, दो महिलाओं - एक इस्राइली नागरिक और एक होमस्टे संचालक - के साथ तीन लोगों ने दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार, वह अपने तीन पुरुष दोस्तों और एक इस्राइली महिला पर्यटक के साथ तुंगभद्र नहर के पास तारों को देखने (स्टारगेजिंग) गई थीं। इसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और पेट्रोल के बारे में पूछताछ करने लगे। जब उन्हें पैसे देने से मना किया गया, तो उन्होंने मारपीट शुरू कर दी।
महिलाओं के साथ दुष्कर्म, पुरुषों को नहर में ढकेला
इसके बाद, दो आरोपियों ने महिला होमस्टे संचालक और इस्राइली महिला के साथ दुष्कर्म किया, जबकि तीसरे आरोपी ने तीन पुरुषों को नहर में धक्का दे दिया। पीड़िता ने बताया, 'उन्होंने मुझ पर पत्थर से हमला किया, जिससे मुझे गंभीर चोटें आईं। फिर मेरे साथ दुष्कर्म किया।' आरोपियों ने पीड़िता का बैग, दो मोबाइल फोन और 9,500 रुपये भी लूट लिए।
मामले में पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक राम अरसिड्डी ने बताया कि अब तक दो आरोपियों - साई मल्लू और चेतन साई - को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीसरे आरोपी की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत हत्या के प्रयास, लूट और दुष्कर्म जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वहीं राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अपराधियों को कड़ी सजा दी जाएगी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
भाजपा का सरकार पर हमला
इस पर भाजपा विधायक महेश टेंगिनकाई ने कहा, 'राज्य सरकार को इस मामले पर गौर करना चाहिए ताकि देश में आने वाले विदेशियों को पूरी सुरक्षा दी जा सके। हम इस घटना की निंदा करते हैं। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखा जाना चाहिए। असामाजिक तत्वों का मानना है कि सरकारें उनका समर्थन करती हैं और यह राज्य सरकार और पुलिस की विफलता है।'