प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर पिछले कुछ समय से रेलवे के निजीकरण की बहस शुरू है। इसी बीच बुधवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि रेलवे का किसी भी प्रकार से निजीकरण नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में चल रही रेलवे की सभी सेवाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी। गोयल ने कहा कि गरीबों के लिए ट्रेनें पहले से ही हैं। उन्होंने कहा कि उड़ान के क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश के बाद हवाई किराया में गिरावट आई, अब गरीब व्यक्ति भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है।
151 आधुनिक ट्रेनों के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रण
वहीं, रेल मंत्रालय ने कहा कि उसने हाल ही में 109 मूल-गंतव्य मार्गों पर 151 आधुनिक ट्रेनों की शुरुआत के माध्यम से निजी भागीदारी के लिए योग्यता अनुरोध (आरएफक्यू) आमंत्रित किए हैं। एक बार चयन प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद 151 ट्रेनें निजी ऑपरेटरों द्वारा चलाई जाएंगी, जो पहले से मौजूद ट्रेनों के ऊपर होंगी। ये ट्रेनें उन रूटों पर चलने वाली हैं, जहां पहले से ही ट्रेनों की मांग मौजूदा क्षमता से अधिक है।
'कांग्रेस को अपनी ही नीतियां नहीं पता'
गोयल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस दिशाहीन हो चुकी है और वो यह भी नहीं जानते हैं कि बीते समय में उनकी क्या नीतियां रही हैं। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत आधुनिक ट्रेनें दुनिया भर में लोगों की सेवा कर रही हैं, हम भारत में भी ऐसी ट्रेनें चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का उल्लेख प्रत्येक बजट में किया जाता है। साल 2004 से 2014 के बीच भी इसका उल्लेख किया गया।
उन्होंने कहा कि 2005 के बजट भाषण में पी चिदंबरम ने कहा था कि सरकार निजी क्षेत्र की अग्रणी भूमिका को मान्यता देगी और सहायक नीति व वातावरण प्रदान करेगी। गोयल ने कहा कि कांग्रेस के लोग नहीं चाहते कि लोगों को अच्छी सेवा, आरामदायक यात्रा और रेलवे को विस्तार मिले। वे नहीं चाहते कि रेलवे देश की प्रगति के पथ में विकास का एक इंजन बने। मैं कांग्रेस अध्यक्ष और उनके बेटे की इस काल्पनिक सोच की निंदा करता हूं।
'मोदी सरकार जितना काम किसी ने नहीं किया'
इसके साथ ही गोयल ने केंद्र की मोदी सरकार की तारीफों के पुल बांधे। गोयल ने कहा कि जिस हिसाब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए और हमारी गरीब जनता के लिए जितना काम किया है, मुझे लगता है कि इससे पहले कोई भी सरकार उतना काम नहीं कर पाई है। मुझे विश्वास है कि देश की आजादी के बाद यह पहली सरकार है जो गरीबों के लिए इतनी योजनाएं लेकर आई है।
गोयल मे आगे कहा कि भारतीय रेलवे का जो पैसा नॉर्मल कोर्स पर ऐसी ट्रेनें लाने में लगता उससे हम नॉर्थ इंडिया, नॉर्थ-ईस्ट और जम्मू में रेलवे का विस्तार कर पाएंगे। 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में ट्रेनें बनेंगी और बाहर भी ट्रेनों का निर्यात किया जाएगा।