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सियासत: कोयला संकट पर हेमंत सोरेन ने केंद्र को घेरा, कहा- आप पर हमारे 1,30,000 करोड़ रुपये बकाया

Sat, 30 Apr 2022 10:11 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के बाद अब झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कोयला संकट और बकाए पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। 
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हेमंत सोरेन - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश में मौजूदा कोयला संकट और बिजली संकट के बीच अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप जोर पकड़ रहा है। केंद्रों पर राज्यों के कथित बकाया का जिक्र भी किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के बाद अब झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कोयला संकट और बकाए पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। 

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सोरेन बोले- मैं व्हाट्सएप पर विवरण भेज सकता हूं
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने दिल्ली में कहा, राज्य बकाया का भुगतान नहीं कर रहे हैं? पता करें कि मौजूदा बिजली संकट में क्या स्थिति है और किस पर कितना बकाया है। यदि आप चाहें तो मैं आपको व्हाट्सएप पर विवरण भेज सकता हूं कि भारत सरकार ने हमें बकाया राशि का कितना भुगतान किया है।   

अगर भारत सरकार ने हमें वापस भुगतान किया होता, तो हम 50 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदारी करते और लोगों को इसकी आपूर्ति करते। हमने अपने बकाया के 1,30,000 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान के लिए भारत सरकार को लिखा था। यह बकाया कोयला, हमारे खनन क्षेत्रों के राजस्व संसाधनों आदि से संबंधित है। 
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सीएम बघेल ने भी घेरा 
इससे पहले छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने ट्रेनें बंद करने के केंद्र के फैसले पर सवाल उठाया था।  भूपेश बघेल ने कहा कि अगर कोयले की कोई कमी नहीं है तो यात्री ट्रेन सेवाएं क्यों बंद कर दी गई हैं? छत्तीसगढ़ से 23 मालगाड़ियां कैंसिल हुई हैं, हमने रेल मंत्री से बात की तो 6 ट्रेनें चलाई गईं।  

देशभर में 21 जोड़ी ट्रेनों को रद्द किया गया 
देश के कई राज्यों में ब्लैकआउट होने से बचाने के लिए रेलवे युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। बिजली संयंत्रों के लिए कोयले की कम स्टॉक से निपटने के लिए जहां मालगाड़ी की लदान व रफ्तार बढ़ा दी गई है तो वहीं रेलवे ने कोयले की गाड़ियों की तेज आवाजाही के लिए देशभर में 753 (फेरे) यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

देश में गहराते बिजली संकट के बीच कोयले की कमी को देखते हुए रेलवे ने कोयले से लदी मालगाड़ियों की संख्या बढ़ा दी है। इन मालगाड़ियों के परिवहन में किसी तरह का व्यवधान नहीं पड़े इसे देखते हुए अगले एक महीने तक कई रूट पर ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। 

इनमें मेल व एक्सप्रेस ट्रेन की बात करें तो  कुल 13 जोड़ी (अप/डाउन) ट्रेन शामिल हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की यह ट्रेन 24 मई तक के लिए निरस्त की गई है। इसी तरह पैसेंजर ट्रेन की बात करें तो कुल 8 जोड़ी ट्रेन निरस्त रहेंगी। 

रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुल 21 जोड़ी ट्रेन अगले महीने तक निरस्त की गई है। फेरे के हिसाब से 753 एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त किया गया है। निरस्त की गई ट्रेन रूट के यात्रियों को मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। इन ट्रेनों को इसलिए रद्द किया गया, ताकि थर्मल पावर स्टेशनों को कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। 

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